

- गंगा समग्र के संगठन संरचना को मजबूती के साथ कार्य करने के लिए जिले अस्तर से नीचे खंड स्तर पर तथा वार्ड स्तर पर समितियां का गठन करना होगा ।
- राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी ने कहा कि “गंगा समग्र का कार्य केवल नदी की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, यह भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरण के संरक्षण का राष्ट्रव्यापी आंदोलन है।
लखनऊ, 13 अक्टूबर 2025. गंगा समग्र की क्षेत्रीय बैठक में अवध प्रांत, गोरक्ष प्रांत, कानपुर एवं काशी प्रांत के प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य गंगा संरक्षण कार्यों की समीक्षा, आगामी योजनाओं का निर्धारण एवं संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण रहा। बैठक की शुरुआत मां गंगा जी के पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन करके किया गया। परिचय सत्र के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री अनिल गौतम के द्वारा अतिथियों का परिचय कराया.
बैठक में मुख्य अतिथि अनिल क्षेत्र प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उद्बोधन में गंगा समग्र के द्वारा कार्य योजनाओं की समीक्षा की एवं आगामी कार्य योजनाओं को मजबूती के साथ करने का मंत्र बताया। गंगा समग्र को मजबूत करने के लिए गंगा श्रद्धालुयो को जोड़ने तथा गंगा के किनारे बसे हुए नगर एवं गांव को जोड़ने की कार्यों पर जोर दिया.
मुख्य अतिथि ने समाज में कार्य कर रहे गंगा समग्र के विषय बिंदु पर सामाजिक संस्थाएं सामाजिक संगठन को साथ लेकर चलने का आवाहन किया भारत को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए तथा गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए प्लास्टिक का परित्याग करने के साथ-साथ गंगा को निर्मल एवं अविरल करना होगा। गंगा समग्र के संगठन संरचना को मजबूती के साथ कार्य करने के लिए जिले अस्तर से नीचे खंड स्तर पर तथा वार्ड स्तर पर समितियां का गठन करना होगा । नदियों के दोनों तरफ गंगा ग्राम का गठन करना और जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाए।
उसके उपरांत राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष जी ने कहा कि “गंगा समग्र का कार्य केवल नदी की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, यह भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरण के संरक्षण का राष्ट्रव्यापी आंदोलन है। हमें समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जोड़ना होगा, तभी गंगा पुनर्जीवित होगी।”
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में जनजागर ण अभियान चलाए। बैठक में प्रांतीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रांतों के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया तथा भावी योजनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री माननीय आशीष गौतम जी ने किया और आभार माननीय विश्वनाथ खेमका जी द्वारा किया गया। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि गंगा समग्र के माध्यम से गंगा और ग्राम—दोनों के संरक्षण हेतु समाज को व्यापक रूप से संगठित किया जाएगा।
