- पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ
लखनऊ, 12 जुलाई । उत्तर प्रदेश शासन के वृहद वृक्षारोपण अभियान-2026 के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शिवानी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य महोदया ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं से पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण एवं नियमित सिंचाई का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस महाअभियान में महाविद्यालय की विभिन्न इकाइयों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयाँ सद्भावना एवं प्रेरणा ने डॉ. निशी मिश्रा के नेतृत्व में श्रीमती साधना सिंह यादव एवं डॉ. पूनम पाण्डेय के सहयोग से वृक्षारोपण किया। एनसीसी की कैडेट्स ने डॉ. नेहा जैन के नेतृत्व में तथा रेंजर्स की छात्राओं ने डॉ. स्मिता पाण्डेय के नेतृत्व में सक्रिय सहभागिता की। अवध सांस्कृतिक क्लब की संयोजिका प्रो. (डॉ.) प्रीति वाजप्ये के मार्गदर्शन तथा वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉ. शेफाली सिंह के नेतृत्व में भी छात्राओं ने पौधारोपण किया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की पर्यावरण समिति द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा लगभग 300से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। अभियान के अंतर्गत लगाए गए सभी पौधों के जियो-टैग्ड फोटोग्राफ हरितिमा (Haritima) ऐप पर अपलोड किए गए, जिससे उनके संरक्षण एवं अनुश्रवण को सुनिश्चित किया जा सके। इस अभियान में 200 विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए जिनमें बेल, सागौन, जामुन, नींबू इत्यादि थे।

इस अभियान को सफल बनाने में प्रो. (डॉ.) अखिलेश कुमार, प्रो. (डॉ.) रीता अग्निहोत्री, प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) शीलधर दुबे, प्रो. (डॉ.) सुरंगमा यादव, डॉ. विशाखा कमल, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. अमितेन्द्र सिंह, श्रीमती ममता अम्बुजाननी, विशाल वर्मा, श्रीमती सुमन सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं कार्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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