- प्रेषित मांग पत्र पर शीघ्रा तिशीघ्र सकरात्मक कार्यवाई करे योगी सरकार, जारी आदेशों का भी नहीं हो रहा अनु पालन :डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- सरकार को प्रेषित मांग पत्र पर महीने भर में हो प्रभावी कार्रवाई, अन्यथा संघर्ष के लिए कमर कस कर तैयार रहने का पांडेय गुट ने किया शिक्षकों का आह्वान :ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ। पुरानी पेंशन, तदर्थ शिक्षकों को नियमित करवा कर तदर्थवाद समाप्त किये जाने, शिक्षक/ शिक्षिकाओं का एन पी एस मे जमा धन उनके जी पी एफ खाते मे जमा करने के साथ कार्यवाहक संस्था प्रधानों को पद का वेतन भुगतान एवं शिक्षकों की सेवा शर्तों को पूर्व बत लागू करने सहित 15 सूत्रीय मांगो को लेकर राज्य परिषद के निर्णय पर सभी जिला विद्यालय निरीक्ष क कर्यालयों पर प्रदेश व्यापी धरने प्र दर्शन का कार्यक्रम विधिवत संपन्न हुआ।

यह जानका री संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रवक्ता ओ पी त्रिपाठी ने आज यहाँ campussamachar.com से एक विशेष वार्ता में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि संघ के निर्णय पर उक्त कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश भर से शासन स्तर पर लंबित सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित पंद्रह सूत्रीय मांगो का ज्ञापन प्रेषित किया गया और उसके त्वरित निस्तारण करने की माँग की गयी।
मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन में उपर लिखित मांगो के अलावा सभी व्यवसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षक को अमेलित कर पूर्ण शिक्षक का दर्जा देने,माध्यमिक शिक्षा के लिए संगठन के प्रयासो के बाद जारी नागरिक संहिता( सिटी जन चार्टर) को प्रभावी ढंग से लागू कर हर स्तर पर लंबित मामलो को समय बद्ध निस्तरित किये जाने, वित्त विहीन शिक्ष कों की सेवा सुरक्षा,शिक्ष कों के जी पी एफ खातो का प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विधिवत चेकिंग अभियान के तहत सुनिश्चित कर लेखापर्ची निर्गत किये जाने, अवशेष अभियान चला कर निर्देश के तहत प्रशासनिक आदेश के साथ ही धन आ वंतन कर भुगतान करने करने की मांगो को प्रमुखता से उठाया गया है।
संगठन प्रवक्ता त्रिपाठी ने बताया कि ज्ञापन के एक माह बाद कार्यवाही न होने पर संगठन आर पार संघर्ष करने का निर्णय लेने के लिए बाध्य होगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन मे बैठे उच्च शिक्षा अधिकारियों की होगी। आगामी संघर्ष की रनानीति तैयार करने के लिए अति शीघ्र संगठन की राज्य परिषद की बैठक लखनऊ में बुलाई जायेगी।
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