रायपुर , 29 जून , नवरंग काव्य मंच द्वारा दि. 27 जून ,शनिवार को वृन्दावन हॉल, सिविल लाइंस, रायपुर में प्रख्यात शायर डॉ बशीर बद्र की स्मृति में आयोजित काव्य संध्या ‘मुसाफ़िर हो तुम भी मुसाफ़िर हैं हम भी’ का कार्यक्रम बेहद सफल रहा। लोकप्रिय कवि राजेश जैन राही ने डॉ. बशीर बद्र की प्रसिद्ध ग़ज़लों के माध्यम से बेहद दिलकश अंदाज़ में मंच संचालन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जीईसी रायपुर विज्ञान एवं मानविकीय विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता चौबे थीं। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। महासमुंद से पधारे लोकप्रिय शायर अशोक शर्मा, एम राजीव (युवा) एवं अजीत जैन विशिष्ट अतिथि थे। डॉ .सीमा श्रीवास्तव ने डॉ. बशीर बद्र की जीवनी एवं साहित्यिक अवदान का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ.नवरंग एवं अशोक शर्मा ने डॉ. बशीर बद्र के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर सारगर्भित प्रकाश डाला।
जिस दिन से चला हूँ मेरी मंज़िल पे नज़र है,
आंखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा।
अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया,
जिसको गले लगा लिया वो दूर हो गया। जैसे शेरों से महफ़िल गूँजती रही। उपस्थित रचनाकारों में सर्व श्री आर. डी. अहिरवार, सुरेश तिवारी, सुरेंद्र रावल, नर्मदा प्रसाद विश्वकर्मा ‘तृण’, छबिलाल सोनी, कोमल प्रसाद राठौर, शिव शंकर गुप्ता, राजेंद्र ओझा, मन्नू लाल यदु, आरव शुक्ला, हर्ष व्यास, ईशान शर्मा, भागीरथ वर्मा ‘मज़दूर’, सुषमा पटेल, डॉ मृणालिका ओझा, गोपाल सोलंकी, शशांक खरे एवं यशवंत यदु ने अपने काव्य पाठ से समां बाँध दिया।कार्यक्रम के अंत में नवरंग काव्य मंच के संस्थापक राजेश जैन ‘राही ‘ ने आमंत्रित अतिथियों एवं रचनाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
