लखनऊ , 31 मई, उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव अगले साल होने जा रहे हैं चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों में जोर आजमाइश शुरू हो गई है . अधिक से अधिक सीटें लाने के लिए जहां राजनीतिक दल जिताऊ उम्मीदवार की तलाश रहे हैं, वहीं भावी उम्मीदवार भी टिकट पाने के लिए तरह-तरह के तिकड़म और पहुंच का सहारा लेने लगे हैं . हालांकि अभी किसी भी राजनीतिक दल में ना तो उम्मीदवारों की घोषणा की है और ना ही टिकट वितरण का आधार घोषित किया है .
यह सब पार्टी में अंदरूनी स्तर पर चल रहा है लेकिन चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगे हैं और वह जनसंपर्क के सहारे अपने-अपने क्षेत्र में यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें टिकट मिलना लगभग तय है . प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां भारतीय जनता पार्टी का दबदबा है. भारतीय जनता पार्टी की महत्वपूर्ण कैंट विधानसभा सीट (Lucknow Cantonment Assembly constituency ) की चर्चा कुछ ज्यादा ही होती है. वर्तमान में इस सीट पर चुनाव जीते विधायक बृजेश पाठक योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं कैंट विधानसभा क्षेत्र में इसके पहले रीता बहुगुणा जोशी भी भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं जबकि बहुगुणा के पहले इस सीट पर सुरेश तिवारी विधायक रहे हैं सुरेश तिवारी को टिकट नहीं मिला लेकिन इसके बावजूद सुरेश तिवारी ना तो पार्टी से नाराज हुए और ना ही उनके समर्थक नाराज हुए .
पूर्व विधायक सुरेश तिवारी लगातार भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार के कार्यक्रमों में अग्रिम पंक्ति में सक्रिय रहते हैं, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में न केवल सक्रिय हैं बल्कि समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच व्यापक जनसंपर्क भी किया, लखनऊ शहर में सुरेश तिवारी का परिवार संघ का सक्रिय परिवार माना जाता है. इनके पिता श्रीनिवास तिवारी भी संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता पदाधिकारी रहे हैं और सुरेश तिवारी के विधायक (Lucknow Cantonment Assembly constituency ) बनने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. ऐसे में अब वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में माना जा रहा है कि सुरेश तिवारी की जोरदार वापसी हो सकती है. यह वापसी कैंट विधानसभा से ही प्रस्तावित मानी जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह है सुरेश तिवारी की सक्रियता.
Lucknow Cantonment Assembly constituency : राजधानी लखनऊ के भाजपा नेताओं में सुरेश तिवारी का कद काफी ऊंचा है और उनकी गिनती वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती है की जाती है . हालांकि उनकी ओर से अभी किसी प्रकार के संकेत नहीं दिए गए हैं , लेकिन उनके समर्थकों में यह आभास होने लगा है कि वर्ष 2027 की विधानसभा चुनाव में सुरेश तिवारी की वापसी होगी . प्रमुख कारण माना जाए तो कैंट विधानसभा(Lucknow Cantonment Assembly constituency ) भारतीय जनता पार्टी की परंपरागत सीट रही है . हालांकि पहले यह कांग्रेस की सीट थी और प्रेमवती तिवारी (Premwati Tiwari) लखनऊ की कैंट विधानसभा (Lucknow Cantt) सीट से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के टिकट पर लगातार तीन बार—1980, 1985 और 1989 में इस सीट (Lucknow Cantonment Assembly constituency ) से जीत दर्ज की थी ,
भारतीय जनता पार्टी ने कैंट विधानसभा (Lucknow Cantonment Assembly constituency ) में सुरेश तिवारी स्थानीय होने के कारण काफी प्रभावी और सक्रिय हैं . निष्पक्ष छवि रखने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता सुरेश तिवारी क्षेत्र में बराबर सक्रिय होकर जन समस्याओं का न केवल निराकरण करते हैं बल्कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व तक भली प्रकार से जानता पहचानता भी है और उनकी बातों पर गौर करता है. अब यह देखना है महत्वपूर्ण होगा कि वर्ष अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव (Lucknow Cantonment Assembly constituency ) में टिकट का वितरण किस आधार पर होता है . हालांकि जब तक टिकट फाइनल नहीं हो जाता है तब तक क्षेत्र के कई दावेदार भी पूरी ताकत से जो राजमारिश कर रहे हैं.
