
- भारतीय शिक्षण मंडल अवध प्रांत के द्वारा आयोजित इस व्याख्यान का शीर्षक “व्यास पूजा का महत्व एवं गुरु शिष्य परंपरा” रहा.
- कार्यक्रम में प्रोफेसर चेतना सामंत , डॉ रुचि यादव डॉक्टर प्रियंका डॉक्टर शालिनी शुक्ला आदि उपस्थित रहे। समस्त कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्या प्रो.अंशु केडिया के निर्देशन में संपन्न हुए।
लखनऊ , 19 जुलाई , खुन खुन जी गर्ल्स डिग्री कॉलेज ( Khun Khun Ji Girls PG College) में आज 19 जुलाई 2025 को वेद व्यास जी की स्मृति में एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय शिक्षण मंडल अवध प्रांत के द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती जी और वेदव्यास जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस व्याख्यान का शीर्षक “व्यास पूजा का महत्व एवं गुरु शिष्य परंपरा” रहा । भारतीय संस्कृति में गुरु शिष्य परंपरा अत्यंत प्राचीन पवित्र और गरिमामयी रही है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ,दिलीप कुमार (डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस, एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी नैनी प्रयागराज) रहे। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि भारतीय संस्कृति की आत्मा उसकी आदित्य परंपराओं में समाहित है जिनमें गुरु शिष्य परंपरा का स्थान सर्वोपरि है यह परंपरा केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन के प्रत्येक पहलू में शिक्षक को पूर्ण मनुष्य बनाने का माध्यम रही है इस परंपरा की आधारशिला श्रद्धा सेवा समर्पण और ज्ञान पर टिकी होती है गुरु वह दीपक है जो आज्ञा के अंधकार से शिष्य को बाहर निकाल कर आत्मबोध की ओर ले जाता है।
Khun Khun Ji Girls PG College news : कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. कमल जायसवाल (BBAU) प्रांत अध्यक्षता भारतीय शिक्षण मंडल,अवध प्रांत ने की। प्रोफेसर जायसवाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा , गुरु और शिष्य के संबंधों और महर्षि वेदव्यास के बारे में बताया एवं कहा कि जीवन में सफलता बिना गुरु के नहीं प्राप्त हो सकती,भारतीय शिक्षण मंडल,भारतीय शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता को स्थापित करने का लगातार प्रयास कर रहा है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में प्रो. यू वी किरेन (BBAU) डीन, होम साइंस,प्रांत प्रमुख शोध प्रकल्प, भारतीय शिक्षण मंडल, अवधेंद्र पाण्डेय जी(आश्रम के वरिष्ठ कार्यकर्ता), दीप नारायण पाण्डेय (संयोजक,भारतीय शिक्षण मंडल, लखनऊ ,निदेशक, लोकराज इंस्टीट्यूट ऑफ पार्टिसिपेट्री डेमोक्रेसी एंड लीडरशिप) ने अपने वक्तव्य में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु और शिष्य के संबंध में घट रही श्रद्धा एक बड़ी समस्या है, इसके लिए भारतीय ज्ञान परंपरा से हमे सीखना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रोफेसर चेतना सामंत , डॉ रुचि यादव डॉक्टर प्रियंका डॉक्टर शालिनी शुक्ला आदि उपस्थित रहे। समस्त कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्या प्रो.अंशु केडिया के निर्देशन में संपन्न हुए।
