लखनऊ , 26 मार्च , गोमती दर्शन यात्रा (प्रथम चरण) का उद्देश्य माँ गोमती नदी ( GOMTI DARSHAN YATRA) के उद्गम स्थल से लेकर लखनऊ तक की पदयात्रा के माध्यम से इसके संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरण को बढ़ावा देना है। यह यात्रा माँ गोमती की अविरलता को बनाए रखने के संकल्प के साथ आयोजित की जा रही है।
यात्रा के दौरान नदी तटों पर बैठकें, जनसंपर्क कार्यक्रम, और स्वच्छता अभियान जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह यात्रा गोमती नदी की सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और ऐतिहासिक महत्ता को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पदयात्रा है, जो पीलीभीत से लखनऊ तक गोमती के किनारे बसे गाँवों और शहरों से होकर गुजरेगी।
गोमती दर्शन यात्रा – मुख्य विवरण:
अवधि: 28 मार्च 2026 से 4 अप्रैल 2026 तक।
मार्ग: माधोटांडा (पीलीभीत – गोमती उद्गम स्थल) से लखनऊ तक।
प्रारंभिक स्थल: माधोटांडा, पीलीभीत।
उद्देश्य: गोमती नदी के संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक करना, नदी के पुनर्जीवन का संकल्प लेना और जनभागीदारी सुनिश्चित करना।
गोमती दर्शन यात्रा – विस्तृत कार्यक्रम
📍 27–28 मार्च
पीलीभीत में आगमन एवं रात्रि विश्राम
📍 28 मार्च (विशेष कार्यक्रम)
माँ गोमती स्वच्छता अभियान, पूजन एवं हवन
सायंकाल भव्य माँ गोमती आरती
📍 29 मार्च
पदयात्रा प्रारंभ
रात्रि विश्राम – शाहजहाँपुर
📍 30 मार्च
पूजन कार्यक्रम
रात्रि विश्राम – शाहजहाँपुर
📍 31 मार्च
शाहजहाँपुर से लखीमपुर खीरी (टेढ़ेनाथ मंदिर) के लिए प्रस्थान
रात्रि विश्राम – लखीमपुर खीरी
📍 1 अप्रैल
टेढ़ेनाथ मंदिर में पूजन
रात्रि विश्राम – लखीमपुर खीरी
📍 2 अप्रैल
लखीमपुर खीरी से सीतापुर (नैमिषारण्य) के लिए प्रस्थान
सायंकाल आगमन एवं रात्रि विश्राम – नैमिषारण्य
📍 3 अप्रैल
नैमिषारण्य में पूजन, स्वच्छता अभियान एवं सायं आरती
रात्रि विश्राम – नैमिषारण्य
📍 4 अप्रैल
नैमिषारण्य से चंद्रिका देवी मंदिर के लिए प्रस्थान
रात्रि विश्राम – चंद्रिका देवी मंदिर
📍 5 अप्रैल (प्रातःकाल)
चंद्रिका देवी मंदिर में पूजन, हवन एवं स्वच्छता अभियान
📍5 अप्रैल (सायंकाल)
लखनऊ प्रस्थान एवं कुड़ियाघाट पर यात्रा का भव्य समापन
