लखनऊ | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर आज 1 नवंबर को एक पोस्ट साझा कर अयोध्या के ऐतिहासिक महत्व और वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने लिखा उस दौर में यहां आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा अत्यंत कठिन थी, नगर का बुनियादी ढांचा जर्जर हो चुका था और वहां रहने वाले स्थानीय परिवारों के विकास की संभावनाएं बेहद सीमित थीं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मुख्यमंत्री योगी ने कहा अयोध्या को सभ्यता की जन्मभूमि, संस्कृति की प्राणधारा और आस्था की शाश्वत ज्योति के रूप में परिभाषित किया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले यह पवित्र नगरी उपेक्षा, अव्यवस्था और तुष्टीकरण का दंश झेलने को विवश थी।
