रायपुर / बिलासपुर , 21 जुलाई , शिक्षकों का तरह तरह से उत्पीडन हो रहा है और उनकी समस्याओं को नहीं सुना जा रहा है ..और भी बहुत कुछ हो रहा है ,कारण जो भी हो ? शासन प्रशासन आपनी सुविधा के अनुसार फैसले ले रहा है , क्योंकि ये हम शिक्षकों को शिक्षक बनाकर नहीं रखना चाहते ? हम लोग भी तो राजनीतिक दलों की तरह बटे हुए है और इसलिए जो बटे है वो कटे है वाली बात हो रही है।सभी शिक्षक संगठन एक होकर शिक्षक साझा मंच बनकर भी हम कुछ नहीं कर पाए क्योंकि हम लोगो में ही आत्मविश्वास की कमी है,हम लोगो में संकल्प लेने की कमी है,हम लोगो में एक दूसरे के प्रति विश्वास की कमी है,और ये क्रम अनवरत चलता ही रहेगा जब तक हम 2017-18 के संविलियन के लिए आंदोलन मिलकर संगठित होकर किए थे .
#chhattisgarh teacher news : उसी प्रकार हम सभी को संगठित होना पड़ेगा नहीं तो हमारी जज्बातों से यूं ही खिलवाड़ सदैव होता रहेगा। ये India है और अंग्रेज लोग फूट डाले शासन करो नीति छोड़कर चले गए है लेकिन उनके शागिर्द और उनकी नीति निर्देश को मानने वाले अभी भी इस देश में जिंदा है । शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को लगता होगा कि उनका व्यक्तिगत कार्य नहीं रुकता और न उनके प्रति कुछ कार्यवाही होगी यही सोच हम सभी को हाशिए में ले जाएगी।एक आम शिक्षक अपने आप को पोषित करने के लिए संगठन के।अलावा भी बहुत सारे ऐसे विकल्प अपना रहा है जिससे उसके कोई भी काम नहीं रुक रहा है,हम लोग किस खेत की मूली है।मैं अपने आप को कमजोर या आपको कमजोर नहीं आंक रहा हूं लेकिन यथार्थ में शिक्षा विभाग में कुछ और ही चल रहा है जिसके लिए हमको धरातल में जाने की आवश्यकता है और हकीकत को समझकर संगठित होकर कार्य करने की कोशिश करनी चाहिए ईमानदारी से बिना किसी स्वार्थ और राजनीतिक भेदभाव से अन्यथा हमारा वजूद कुछ भी नहीं रहेगा।ऐसा मै सोचता हूं ।बाकी आप सभी का मै सम्मान करता हूं और करता रहूंगा एक सच्चा मित्र की भांति????
जयंत सिंह क्षत्रिय
प्रांताध्यक्ष
छ ग प्रधान पाठक कल्याण संघ 3664
