बिलासपुर। शुभमविहार स्थित जे.पी. हाईट्स में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में जे.पी. हाईट्स विकास समिति के अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने सचिव मोहन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, एडवोकेट राजेश वर्मा, मयंक अग्रवाल, शब्द लाठ , निशा अग्रवाल, पायल लाठ, रश्मि अग्रवाल, करिश्मा अग्रवाल, दीपिका शुक्ला, सुषमा अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, दिव्या पटेल, हनी अग्रवाल सहित अनेक निवासियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया।

इस अवसर पर ललित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि “अभी हम स्वाधीन हैं, लेकिन क्या हम वास्तव में स्वतंत्र भी हैं?”
उन्होंने स्वाधीनता और स्वतंत्रता के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वाधीनता का अर्थ है—किसी व्यक्ति, समाज या देश को अपने निर्णय स्वयं लेने का अधिकार प्राप्त होना, जबकि स्वतंत्रता का भाव अपने तंत्र, अपनी सोच और अपनी व्यवस्थाओं के आधार पर संचालित होने से जुड़ा है। 15 अगस्त 1947 को भारत ने औपनिवेशिक शासन से राजनीतिक स्वाधीनता प्राप्त की और उसके बाद राष्ट्र-निर्माण की यात्रा प्रारंभ हुई।
उन्होंने कहा कि आज 79 वर्ष की यात्रा पूरी करने के बाद हमें यह विचार करना चाहिए कि राजनीतिक स्वाधीनता के साथ-साथ विचार, भाषा, संस्कृति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और जीवन-पद्धति के स्तर पर हम कितने आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बने हैं।
ललित अग्रवाल ने कहा कि अपनी पहचान और परंपराओं को मजबूत करने के लिए भारतीय कालगणना को भी अधिक व्यापक रूप से समझने और अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शक संवत् आधारित राष्ट्रीय पंचांग का प्रयोग पहले से किया जाता है तथा राष्ट्रीय पंचांग का प्रकाशन 1957 से हो रहा है।

उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक भी अपनी भाषा, संस्कृति और जीवनशैली में भारतीयता को बढ़ावा देकर राष्ट्र की स्वतंत्र चेतना को मजबूत कर सकता है। “हम अपनी भाषा में अनावश्यक रूप से विदेशी शब्दों के प्रयोग को कम करें, अपनी परंपराओं को समझें और आने वाली पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ें—यह भी राष्ट्र के प्रति हमारा योगदान है।”
देश के विभाजन और ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें यह भी स्मरण कराता है कि भारत ने लंबे समय तक विदेशी शासन और संघर्ष का सामना किया है। इसलिए स्वतंत्रता का मूल्य समझना और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा संप्रभुता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने कहा, “हमें इतिहास से सीखते हुए वर्तमान को मजबूत करना है और भविष्य के भारत का निर्माण ऐसी चेतना के साथ करना है, जिसमें भारतीयता, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता प्रमुख हों। भले ही स्वतंत्रता की हमारी यात्रा अधूरी हो, लेकिन प्राप्त स्वाधीनता भी अमूल्य है और इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।”
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। रश्मि अग्रवाल ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया, जबकि बांसुरी शुक्ला ने अपने नाम के अनुरूप बांसुरी वादन से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इसके अलावा अनेक बच्चों ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रप्रेम, एकता और देश की प्रगति के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित निवासियों ने एक-दूसरे को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
