- महिलाओं ने संघर्ष और काबिलियत से स्वयं कमाया है समाज में अपना स्थान: डॉ. प्रियंका मौर्या
- संस्कारों की जड़ जितनी गहरी होगी, सफलता का क्षितिज उतना ही विशाल होगा: प्रो. सीमा पांडेय
लखनऊ | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (लखनऊ पश्चिम, अवध प्रांत) द्वारा राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में ‘क्षितिजा: आँगन से अंतरिक्ष तक’ भव्य युवती सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से प्रारंभ हुए इस सत्र में छात्राओं को सांस्कृतिक मूल्यों, कानूनी अधिकारों व साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या एवं अभाविप प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय ने सम्मेलन की प्रस्तावना रखते हुए युवाओं को वैचारिक भटकाव से बचाकर राष्ट्र निर्माण की दिशा दिखाने पर बल दिया। तत्पश्चात, लखनऊ महानगर छात्रा प्रमुख डॉ. प्रतिमा घोष ने ‘पंच परिवर्तन’ (स्वदेशी, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, सामाजिक समरसता व नागरिक कर्तव्य) को दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता एवं खेलो भारत (अवध प्रांत) की प्रांत प्रमुख प्रो. सीमा पांडेय ने ‘परंपरा व आधुनिकता, साइबर सजग: स्क्रीन के उस पार’ विषय पर ओजस्वी वक्तव्य दिया। उन्होंने इसरो की महिला वैज्ञानिकों और शीतल देवी व मनु भाकर का उदाहरण देते हुए भारतीय संस्कारों के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने छात्राओं को एआई डीपफेक, वॉइस क्लोनिंग, डिजिटल अरेस्ट, फेक जॉब्स और पब्लिक चार्जिंग (Juice Jacking) जैसे साइबर खतरों से आगाह करते हुए बचाव हेतु ‘5 सेकंड का साइबर टेस्ट’ और ‘सीक्रेट फैमिली पासवर्ड’ का सूत्र दिया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930, पोर्टल cybercrime.gov.in, वूमेन पावर लाइन 1090 व 181 की जानकारी दी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत करते हुए उन्होंने मोबाइल से गर्दन पर पड़ने वाले 27 किलो दबाव (Tech-Neck) से बचने के लिए रोज़ 1 घंटा ‘डिजिटल उपवास’ करने और खेल के मैदान से जुड़ने का संकल्प दिलाया।

मुख्य अतिथि एवं उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने छात्राओं में जोश भरते हुए कहा कि आज समाज में महिलाओं का सम्मानजनक स्थान किसी की देन नहीं, बल्कि उनके अपने संघर्ष और काबिलियत से कमाया हुआ है। उन्होंने बेटियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की महिला सुरक्षा संबंधी प्रमुख धाराओं—धारा 75 (यौन उत्पीड़न के विरुद्ध कठोर दंड), धारा 77 (निजता का हनन/बिना सहमति फोटो-वीडियो बनाने पर सजा) और धारा 78 (भौतिक या साइबर स्टॉकिंग/पीछा करने पर कार्रवाई)—की जानकारी देते हुए अन्याय के विरुद्ध निडर होकर आवाज़ उठाने के लिए प्रेरित किया।

