लखनऊ | करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, लखनऊ ( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.) College Lucknow ) के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं संस्थान नवाचार परिषद् (IIC)(शिक्षा मंत्रालय की एक पहल) द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर्स विदाउट बॉर्डर्स (PROWIBO) के सहयोग से आयोजित पाँच दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण एवं अंगीकरण तथा महिलाओं के स्वास्थ्य, कल्याण, अधिकार, समर्थन और समानता सम्पन्न हुई।
कार्यशाला का आयोजन कॉलेज( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.)College Lucknow) के मैनेजर सैयद नावेद अहमद एवं प्राचार्या प्रो. हुमा ख़्वाजा के निर्देशन में 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक हुआ। इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एकीकरण एवं उपयोग तथा महिला स्वास्थ्य, कल्याण, जागरूकता, वकालत एवं समानता से संबंधित समसामयिक विषयों पर शैक्षणिक, व्यावसायिक एवं अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान हेतु एक सार्थक मंच उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम का आरंभ दुआ से हुआ। अतिथिगण का स्वागत फूलों से हुआ तथा छात्राओं ने स्वागत गीत एवं ग़ज़ल प्रस्तुत की। आंतरिक गुणवत्ता एवं आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की समन्वयक सीमा आक़िल ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
कार्यशाला में प्रोफेसर्स विदाउट बॉर्डर्स (PROWIBO) की ओर से एमिली बास्टेबल, कार्यक्रम की सह-प्रमुख तथा डॉ. शुभांगी ठाकुर, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं जेनेवा हेल्थ फाइल्स में स्वास्थ्य एवं मानवाधिकार फेलो विशिष्ट अतिथि एवं फेसीलिटेटर, ने अपने अनुभव साझा किये। छात्रा प्रतिनिधियों अक्स फ़ातिमा (एम.ए.-प्रथम वर्ष) और सारा सिद्दीकी (बी.एससी. द्वितीय वर्ष )ने भी कार्यशाला से जुड़े अपने अनुभव बताए। उन्होंने शारीरिक सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के विषय में सीखी गई बातों स्वास्थ्य जुड़ी आम भ्रामक धारणाओं पर सवाल उठाने सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन और जीवन के विभिन्न चरणों में बदलती स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जरूरत के विषय में बताया उन्होंने करियर डेवलपमेंट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक प्रयोग, लेखन, गूगल नोटबुक और कोडिंग फ्रेमवर्क के विषय में भी बात की। कार्यशाला में 61 छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. किरणलता डंगवाल, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ ने इस अवसर पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विविध पहलुओं की चर्चा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छात्राओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तेजी से बदलती दुनिया में आगे बढ़ने के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल संपन्न होना भी ज़रूरी है। उन्होंने महिलाओं के शारीरिक, मानसिक एवं संवेगात्मक स्वास्थ्य पर भी प्रकाश डाला।
महाविद्यालय ( Karamat Husain Muslim Girls (P.G.)College Lucknow ) की प्राचार्या प्रो. हुमा ख़्वाजा ने आभार ज्ञापन किया। उन्होंने निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए कॉलेज के प्रबंधक सैयद नावेद अहमद साहब का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, फेसीलिटेटर्स, IQAC टीम एवं संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा कार्यशाला के आयोजन एवं सफल संचालन में प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने 8 वर्ष पहले PROWIBO आरंभ करने के लिए पूर्व प्राचार्या डॉ .नूर ख़ान, IQAC टीम की समन्वयक सीमा आक़िल, डॉ. बीबी इशरत जहाँ, डॉ. नगीन अहमद, डॉ. अलका चतुर्वेदी और डॉ. हाजरा मसूद के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण- पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ताबिंदा शमीम द्वारा किया गया तथा इसका समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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