- शिक्षा अधिकारियों की स्वेच्छाचारिता एवं मनमानेपन का खामियाजा भुगत रहे हजारो पीड़ित शिक्षक शिक्षि काएं: जितेंद्र सिंह पटेल
- शिक्षा अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते बार बार प्रदेश मंत्रिमंडल तक निर्णय के लिए विवश हो रही योगी आदित्यनाथ सरकार : ओम प्रकाश त्रिपाठी
- एन पी एस से जी पी एफ में जमा धन राशि तय समय में न ट्रांसफर किया जाना, भृष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा : आशीष कुमार सिंह
लखनऊ ,06 मई। राज्य निधि से सहायता प्राप्त गैर सरकारी माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में बीते 28 मार्च 2005 के पूर्ण शिक्षकों की भर्ती के लिए हुए विज्ञापन शर्तों के मुताबिक पुरानी पेंशन योजना से अच्छादित शिक्षकों के एनपीएस खाते में जमा धन राशि शासन के निर्णय के अनुसार 28 फरवरी तक शिक्षकों के जी पी एफ खाते मे ब्याज सहित जमा कर दिये जाने का स्पष्ट आदेश है। इसके बाद भी अभी तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लचर कार्य प्रणाली के चलते जमा न किये जाने उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने कड़ा एतराज जताते हुए शासन का ध्यान आकृष्ट किया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज यहाँ जारी अपनी प्रेस रिलीज मे बताया कि इस प्रक्रिया में हीलाहवाली किये जाने पर प्रदेश मंत्रिमंडल को बीते ३० जून २०२५ तक की सीमा को २८ फरवरी 2026 तक बढ़ने का निर्णय लेना पडा है। इसके बाद भी अभी तक धनराशि का शिक्षकों के जी पी एफ खाते में जमा न किया जाना अत्यंत ही घोर आपत्तिजनक स्थिति ही नहीं , अधिकारियों की सेवा आचरण नियमावली के भी सर्वथा विपरीत है।
शिक्षक नेताओ ने इस ओर सूबे की योगी आदित्यनाथ जी की सरकार एवं अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा जी का ध्यान आकृष्ट कर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय को अमल में लाये जाने की पुरजोर मांग की की है।
