- कर्मचारी परिषद कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से वरिष्ठ उपाध्यक्ष सी.पी. सिंह (मोनू) को उनके पद व कार्यकारिणी की सदस्यता से बर्खास्त करने के साथ ही उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह को तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ उपाध्यक्ष का दायित्व प्रदान करने का निर्णय लिया।
लखनऊ, 28 अप्रैल। लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद की आवश्यक बैठक आज 28 अप्रैल को परिषद कार्यालय में सम्पन्न हुयी। इसमें कुलसचिव द्वारा कर्मचारी परिषद नियमावली/संविधान के विपरीत कार्यकारिणी को भंग करने एवं चुनाव अधिकारी की अधिसूचना/उद्घोषणा करने एवं कतिपय कर्मचारी नेताओं द्वारा वरिष्ठ सहकर्मी व परिषद के पूर्व चुनाव अधिकारी डाॅ. रविशंकर गुप्ता के लिए आपत्ति जनक शब्दों के प्रयोग करने के विरूद्ध निन्दा प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक में कर्मचारी परिषद के नियमावली/संविधान व उपनियमों का उल्लंघन करने, संगठन विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने और अनुशासनहीनता के लिए वरिष्ठ उपाध्यक्ष सी.पी. सिंह (मोनू) को उनके पद व कार्यकारिणी की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में उक्त प्रस्ताव अध्यक्ष राकेश यादव ने रखा, जिसका अनुमोदन उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह व महामंत्री संजय शुक्ला ने किया बैठक में उपस्थित मंत्रीगण बाबूलाल, दिनेश वाल्मीकि, के.पी. सिह, कोषाध्यक्ष अमित कु. सक्सेना, संगठन मंत्री शिवानन्द द्विवेदी, प्रचार मंत्री अमित सक्सेना एवं सदस्यगण मुकेशधर दूबे, सोमनाथ, अशोक कुमार, अमित कुमार, लालबाबू व पवन कुमार ने प्रस्ताव का समर्थन किया।

बैठक के बाद परिषद के समस्त पदाधिकारी अध्यक्ष राकेश यादव एवं महामंत्री संजय शुक्ला के नेतृत्व में कुलपति से मिलकर कार्यकारिणी द्वारा पारित निन्दा व बर्खास्तगी के प्रस्ताव की प्रति सौंपा। इसके साथ ही प्रस्ताव की प्रति जिलाधिकारी, लखनऊ, उप/अपर श्रमायुक्त, लखनऊ क्षेत्र तथा अध्यक्ष व महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ, उ.प्र. को भी प्रेषित की गयी।
कर्मचारी परिषद पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कर्मचारी हितों की अनदेखी करने, तानाशाही रवैया अपनाने, लोकतांत्रिक सिद्धांतों व नियमावली की अवमानना करने, कर्मचारियों के अधिकारों का हनन करने के साथ ही परिषद के कार्यो में प्रशासनिक हस्तक्षेप और कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या करने का आरोप लगाया। कर्मचारी परिषद कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से वरिष्ठ उपाध्यक्ष सी.पी. सिंह (मोनू) को उनके पद व कार्यकारिणी की सदस्यता से बर्खास्त करने के साथ ही उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह को तत्काल प्रभाव से वरिष्ठ उपाध्यक्ष का दायित्व प्रदान करने का निर्णय लिया।
