देहरादून , 28 अप्रेल , राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने प्रोफ़ेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) का नया कुलपति नियुक्त किया है। उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया है .
GBPUAT :गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) में प्रोफेसर शिवेन्द्र कुमार कश्यप का कुलपति पद पर कार्यभार संभालना केवल एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि संस्थान के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा का संकेत है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति ले.ज. गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) द्वारा की गई यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कृषि शिक्षा और शोध के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं।
प्रो. कश्यप का अब तक का शैक्षणिक और प्रशासनिक सफर इस बात का प्रमाण है कि वे केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी हैं। कृषि संचार विभागाध्यक्ष, अधिष्ठाता, तथा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के नेतृत्वकर्ता के रूप में उन्होंने जो अनुभव अर्जित किया है, वह विश्वविद्यालय (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आईसीएआर सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित प्रो. कश्यप ने अपने कार्यकाल में न केवल शोध और शिक्षण को सशक्त किया, बल्कि संस्थागत विकास के नए आयाम भी स्थापित किए।
उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) ने आईसीएआर रैंकिंग में राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त किया और सर्वश्रेष्ठ संस्थान पुरस्कार हासिल किया। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही नेतृत्व और समन्वय से किसी भी संस्थान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पहचान दिलाई जा सकती है।
प्रो. कश्यप की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता उनकी नवाचार आधारित सोच है। कोविड काल में 65 स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, वर्चुअल लैब का निर्माण, तथा फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत जैसे कदम इस बात को स्पष्ट करते हैं कि वे चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखते हैं। पंतनगर संग्रहालय की स्थापना भी उनके इसी दृष्टिकोण का उदाहरण है, जिसने विश्वविद्यालय की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे नई पहचान दी है।
शिक्षा के क्षेत्र में केवल ढांचागत विकास ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि मानव संसाधन का सशक्तिकरण भी उतना ही आवश्यक है। इस दिशा में प्रो. कश्यप ने 1500 से अधिक सॉफ्ट स्किल विकास सत्रों का निर्माण और क्रियान्वयन कर देशभर के शिक्षकों और विद्यार्थियों को लाभान्वित किया है। उनके नेतृत्व में 40 से अधिक संकाय सदस्यों और 200 विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण और एक्सपोजर प्राप्त हुआ, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
आज जब कृषि शिक्षा को नई तकनीकों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बदलते सामाजिक-आर्थिक परिवेश के साथ तालमेल बिठाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तब ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन स्थापित कर सके। प्रो. शिवेन्द्र कुमार कश्यप का अनुभव, उनकी दृष्टि और उनका कार्य करने का तरीका यह संकेत देता है कि पंतनगर विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में न केवल अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को बनाए रखेगा, बल्कि नई ऊंचाइयों को भी छुएगा।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि यह नियुक्ति केवल एक व्यक्ति का पदभार ग्रहण करना नहीं है, बल्कि एक संस्थान (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) के भविष्य को नई संभावनाओं से जोड़ने की शुरुआत है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह नया नेतृत्व पंतनगर विश्वविद्यालय (Govind Ballabh Pant University of Agriculture & Technology ) को किस दिशा में ले जाता है और कैसे इसे उत्कृष्टता के नए मानकों तक पहुंचाता है।
