भिलाई, 10 अप्रेल , हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी साईं झुलेलाल धाम 32 एकड़ में आदर्श सिन्ध ब्रादर मंडल एवं भारतीय सिंधु सभा भिलाई व साईं झुलेलाल महिला मण्डली के संयुक्त तत्वावधान में सिंधी भाषा दिवस की 59वीं वर्षगांठ को दिनाँक 10/04/2026 शुक्रवार को शाम 5 बजे से 06:30 बजे तक अत्यंत ही धूमधाम से मनाया गया।यह आयोजन 10 अप्रैल 1967 को भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में सिंधी भाषा को आधिकारिक मान्यता मिलने की याद में समिति द्वारा हर वर्ष अपने धर्म,जाति संस्कारों से दूर हो रहे एवं सभ्यता भूल रहे नौनिहालों और वरिष्ठों को जोड़े रखने और सहेजने के लिये आयोजित किया गया।

विश्व की सबसे पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता से जन्मी सिन्धी भाषा की ऐतिहासिक धरोहर को जीवंत रखने हेतु इस दिन समाज की ओर से समाज के सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिये प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।जिसमें कलाकृति निर्माण में सिन्धी भाषा से संबंधित कोई भी चित्र बनाने में अमन लालवानी प्रथम साहित्यिक क्षेत्र में भाषण में प्रथम महिला ग्रुप में मीना आयलानी, पुरुष वर्ग में प्रथम सुभाष भगत एवं कविता में प्रथम राशिका आयलानी, सांस्कृतिक क्षेत्र में गीत में प्रथम भूमि बजाज,भजन गायन में महिला वर्ग प्रथम लता मेहरचंदानी एवं कमला भगत,पुरुष वर्ग में अमृत कृष्णानी ने प्रथम,नृत्य में प्रथम वंशिका नागदेव,नाटक अभिनय में प्रथम स्थान अलका थारवानी,आरती नागदेव,कंचन वीरवानी ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताएं के साथ साथ अपनी अनमोल सिन्धी भाषा को जीवंत रखने के लिये लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई थी।इस अवसर पर गुरुनानक सिंध सेवा मंडल के अध्यक्ष मनोज माखीजा की ओर से फल फल की सेवा की गई थी।

छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं आदर्श सिंध ब्रादर मंडल के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी ने उद्बोधन में अपने और ग्रीष्मकालीन शिविर में सिंधी पढ़ने एवं लिखने की भी जानकारी दी गई।और सामाजिक कुरीति अंतर्जातीय विवाह की बुराई का त्याग कर अपने सजातीय परिवारों में विवाह करने की अपील की गई।जिससे कि समाज के बच्चों को अपनी संस्कृति से वंचित न होना पड़े।

भारतीय सिंधु सभा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जेठानी जी ने अपने उद्बोधन में विश्व की सबसे पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता और ऐतिहासिक विरासत को सहजने की अपील की। और आजादी के बाद समाज द्वारा झेले गए दंश को संघर्षों को याद किया। और कड़ी मेहनत से समाज द्वारा हासिल की गई सफलता में अपनी विरासत को संजोए रखने के लिए मातृ शक्ति को महत्वपूर्ण भूमिका निर्वहन करने की अपील की।महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी नागदेव जी ने बच्चों को घर में सिंधी भाषा में बात करने के लिए प्रेरित किया और एवं अपनी संस्कृति के इतिहास का ज्ञान देने हेतु प्रेरित किया। भारतीय सिंधु सभा भिलाई इकाई अध्यक्ष श्रीमती पिंकी थारवानी जी एवं श्री सुरेेेश नागदेव जी ने भी भारतीय सिंधु राष्ट्रीय अकादमी के बारे में जानकारी देकर रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के माध्यम से एम ए सिंधी पढ़ने की अपील की।और इस अकादमी के माध्यम शिक्षक बनकर समाज के अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षित करने की अपील की।

इस यादगार कार्यक्रम में भिलाई समाज के सदस्यों ने अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपने समाज की एकता का परिचय अपनी गरिमामयी उपस्थिति से देकर अपने समाज की अखंड एकता को गौरवान्वित करने के लिए आदर्श सिंध ब्रादर मंडल की कार्यकारिणी से अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र कृष्णानी, उपाध्यक्ष सुभाष भगत,राजकुमार पिनयानी, सुरेश जीवनानी,हरीश लालवानी, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी नागदेव जी भारतीय सिंधु सभा भिलाई इकाई अध्यक्ष श्रीमती पिंकी थारवानी जी एवं श्री सुरेेेश नागदेव जी अभूतपूर्व कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये भिलाई सिंधी समाज ने आभार व्यक्त किया।
