

- विभिन्न संकायों से कुल 210 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं की रचनात्मकता, कलात्मक दृष्टिकोण एवं सांस्कृतिक चेतना ने पूरे सभागार को जीवंत बना दिया।
- प्रथम स्थान – अवंतिका जायसवाल (B.A. प्रथम सेमेस्टर) को मिला .
गोंडा, 22 जनवरी , श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा ( shree Lal Bahadur Shastri Degree College Gonda ) में 21 जनवरी 2026 को पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के अंतर्गत एक भव्य एवं रंगारंग मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन ललिता शास्त्री सभागार में प्रातः 11:00 बजे से किया गया। महाविद्यालय ( shree Lal Bahadur Shastri Degree College Gonda ) के समारोह अधिकारी एवं स्वामी विवेकानंद पखवाड़ा की प्रतियोगिताओं के प्रभारी प्रो जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का विषय “सांस्कृतिक विरासत” रखा गया, जिसमें छात्राओं ने भारतीय परंपरा, लोक-कला एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मेहंदी डिज़ाइनों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय ( shree Lal Bahadur Shastri Degree College Gonda ) के विभिन्न संकायों से कुल 210 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं की रचनात्मकता, कलात्मक दृष्टिकोण एवं सांस्कृतिक चेतना ने पूरे सभागार को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में मेहंदी कला के प्रति जागरूकता …
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा में दिनांक 21 जनवरी 2026 को पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के अंतर्गत एक भव्य एवं रंगारंग मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन ललिता शास्त्री सभागार में प्रातः 11:00 बजे से किया गया। प्रतियोगिता का विषय “सांस्कृतिक विरासत” रखा गया, जिसमें छात्राओं ने भारतीय परंपरा, लोक-कला एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मेहंदी डिज़ाइनों के माध्यम से सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय ( shree Lal Bahadur Shastri Degree College Gonda ) के विभिन्न संकायों से कुल 210 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं की रचनात्मकता, कलात्मक दृष्टिकोण एवं सांस्कृतिक चेतना ने पूरे सभागार को जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में मेहंदी कला के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उन्हें इस पारंपरिक कौशल को आत्मनिर्भरता के साधन के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था, ताकि भविष्य में वे इस कला के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। इस सफल आयोजन का संयोजन प्रो. शशि बाला (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र) द्वारा तथा सह-संयोजन डॉ. ममता शुक्ला (असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग) द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के संचालन में डॉ. शैलजा सिंह, डॉ. स्मृति शिशिर तथा डॉ. रचना श्रीवास्तव का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा, जिनके मार्गदर्शन से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

निर्णायक मंडल में प्रो. अमन चंद्रा, डॉ. रेखा शर्मा, डॉ. ममता शुक्ला एवं डॉ. चमन कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के डिज़ाइन की मौलिकता, विषय-सामंजस्य, रचनात्मकता एवं सौंदर्यात्मक प्रस्तुति के आधार पर परिणाम घोषित किए।
प्रतियोगिता में –
प्रथम स्थान – अवंतिका जायसवाल (B.A. प्रथम सेमेस्टर)
द्वितीय स्थान – प्रियंशी साहू (M.Sc. तृतीय सेमेस्टर)
तृतीय स्थान – अंशु गोस्वामी (B.A. प्रथम सेमेस्टर)
ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. बी.पी. सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियाँ छात्राओं के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास एवं कौशल-विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वहीं महाविद्यालय के IQAC समन्वयक प्रो. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों की प्रशंसा की गई और भविष्य में भी इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
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