
- इस अतिसंवेदनशील मसले मे उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का व्यकिगत ध्यान आकृष्ट कर उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है।
लखनऊ, 04 अक्टूबर। सूबे के आशासकी य सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में एक अप्रैल 2023 एक नियमित संस्था प्रधान के समान ही पद के सम्पूर्ण दायित्व का निर्वहन कर रहे कार्यवाहक संस्था प्रधानों को विना पद का अनुमोदन और वेतन भुगतान पाये काम करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह उनके साथ घोर अन्याय ही नहीं नैसर्गिक न्याय के भी सर्वथा विपरीत है। इस अतिसंवेदनशील मसले मे उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ( Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath,) का ध्यान आकृष्ट कर उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल एवं प्रदेश उपा ध्यक्ष ओम प्रकाश त्रिपाठी ने सूबे के लगभग दो हजार से अधिक ऐसे संस्था प्रधानों की वेवसी को गंभीर ता से संघर्षों के मध्यम से लगातार तीन साल से उठाता चला आ रहा है। यह मामला शिक्षा सेवा चयन बोर्ड २०२३ के गठन के बाद से ही संस्था प्रधानों को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इसके पहले उ प्र माध्यमिक शिक्षा सेवा आयोग १९८२ की धारा १८ क के तहत नियमित रुप से चयनित संस्था प्रधानों के कार्य भार ग्रहण करने तक उन्हें अनुमोदन एवं वेतन का भुगतान किया जाता रहा है।

यह कार्यवाही शिक्षा सेवा आयोग 2023 केगठन के बाद से जो अगस्त २०२३ मे हुआ एक अप्रैल २०२३ से आदेश के बावजूद भी अनुमोदन और पद का वेतन न दिया जाना अत्यंत ही दंडनी य अपराध की श्रेणी में आता है। लगभग तीन शैक्षिक सत्रों से ऐसे संस्था प्रधानों का शोषण किया जा रहा है उन्हें अपने मूल पद के वेतन पर ही उच्च पद के सारे कार्यो को लिए जाने से उनके साथ घोर अन्याय हो रहा है। और सेवा सुरक्षा के अभाव में भी उन्हें लगातार उत्पीड़न का शिकार भी होना पड़ रहा है।
शिक्षक नेताओ इस अति संवेदनशील मुद्दे की ओर पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ( Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath,) का ध्यान आकृष्ट कर विगत तीन शैक्षिक सत्रों से कार्य रत संस्था प्रधानों को पद पर अनुमोदन एवं वेतन भुगतान किये जाने की दिशा में तत्काल विधिक प्रभावी कार्य वाही कराये जाने की मांग की है।
