

- सम्मेलन में प्रमुख रूप से श्री विजय त्रिपाठी (लखनऊ), श्री ए. के. श्रीवास्तव ‘चकाचौंध ज्ञानपुरी’ (बनारस), अशोक अग्निपथी (लखनऊ), डॉ. विनम्र सेन सिंह (प्रयागराज), पूनम श्रीवास्तव (बनारस), डॉ. सुभाष चंद रसिया (मऊ) ने भाग लेकर हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार,ओज कविता की विविध छवियाँ प्रस्तुत कीं।
- कार्यक्रम का संयोजन एवं अतिथियों का स्वागत डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक निदेशक, राजभाषा एवं सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग, बीबीएयू) ने किया।
लखनऊ , 27 सितम्बर , campus samachar.com, हिन्दी प्रकोष्ठ, बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ( Babasaheb Bhimrao Ambedkar University lucknow ) द्वारा हिन्दी पखवाड़ा उत्सव-2025 के अंतर्गत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्यापीठ के सभागार में अपराह्न 2:30 बजे आरंभ हुआ।
कार्यक्रम के संरक्षक कुलपति प्रोफेसर राजकुमार मित्तल तथा सह-संरक्षक कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह की प्रेरणा से यह आयोजन संभव हुआ। कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न अंचलों से आए सुप्रसिद्ध कवियों ने अपनी ओजस्वी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन में प्रमुख रूप से श्री विजय त्रिपाठी (लखनऊ), श्री ए. के. श्रीवास्तव ‘चकाचौंध ज्ञानपुरी’ (बनारस), अशोक अग्निपथी (लखनऊ), डॉ. विनम्र सेन सिंह (प्रयागराज), पूनम श्रीवास्तव (बनारस), डॉ. सुभाष चंद रसिया (मऊ) ने भाग लेकर हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार,ओज कविता की विविध छवियाँ प्रस्तुत कीं।

कार्यक्रम का संयोजन एवं अतिथियों का स्वागत डॉ. बलजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक निदेशक, राजभाषा एवं सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग, बीबीएयू) ने किया। कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने जोरदार तालियों से उत्साहवर्धन किया और वातावरण कवितामय हो उठा।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हिन्दी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा की आत्मा है। ऐसे आयोजन न केवल साहित्य प्रेमियों को जोड़ते हैं, बल्कि नव पीढ़ी में भाषा और साहित्य के प्रति गहरा लगाव भी उत्पन्न करते हैं।
