
- संस्थान के द्वारा ऑफलाइन गरीब बच्चों को पढ़ाई से संबंधित वस्तुएं कॉपी किताबें इत्यादि भी दी जाती हैं, जिसमें शिक्षा का स्तर और आगे बढ़े संस्थान का लक्ष्य भारतीय ज्योतिष संस्थान विश्वविद्यालय का निर्माण करना है.
- भारतीय ज्योतिष संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर अंबिकेश दुबे और आचार्य धीरज गुरु जी ने संस्था की विभिन गतिविधियाँ की जानकारी दी .
वाराणसी , 1 7 सितम्बर , भारतीय ज्योतिष संस्थान वाराणसी ( Bhartiya Jyotish Sansthan Varanasi ) का स्थापना दिवस पर सफल कार्यक्रम का आयोजन किया गया . इस कार्यक्रम के संचालक पवन मिश्र जी कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ और सरस्वती वंदना रेखा तिवारी जी ने प्रस्तुत किया. भारतीय ज्योतिष संस्थान वाराणसी का संकल्प गीत आचार्य वेद प्रकाश जी के द्वारा बहुत ही सुंदर ,मुख्यातिथि श्रीमती अनीता श्रीवास्तव सेवानिवृत प्रधानाचार्या राजकीय इंटर कालेज इंदी बिरसापुर, मिर्जापुर का स्वागत के लिए स्वागत गीत रेखा तिवारी जी के द्वारा प्रस्तुत किया गया .
भारतीय ज्योतिष संस्थान के अध्यक्ष डॉक्टर अंबिकेश दुबे जी , आचार्य धीरज गुरुजी की से ओर स्थापना दिवस पर विचार और एकता भरा संदेश, पवन मिश्र द्वारा संस्थान का पूर्ण परिचय देते हुए बताया गया कि संस्कृत शिक्षा, फलित ज्योतिष , कर्म कांड ज्योतिष, टेरो कार्ड, अंक ज्योतिष ,वास्तु ज्ञान, भागवत पुराण, श्रीमद्भगवद्गीता, राम कथा ,ज्योतिष न्यूमैरोलॉजी वास्तु टैरो यूजीसी नेट 73 और 25 इत्यादि की निशुल्क आदि चलाई जा रहे हैं .
संस्थान के द्वारा ऑफलाइन गरीब बच्चों को पढ़ाई से संबंधित वस्तुएं कॉपी किताबें इत्यादि भी दी जाती हैं, जिसमें शिक्षा का स्तर और आगे बढ़े संस्थान का लक्ष्य भारतीय ज्योतिष संस्थान विश्वविद्यालय का निर्माण करना है और शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति लाना. इसके लिए संस्थान लगातार कार्य कर रहा है. इस संस्थान का शुभ आरम्भ 2015 से मिर्जापुर में बाबा विश्वनाथ जी की कृपा से आरम्भ हुवा। इसके स्तम्भ डॉक्टर अंबिकेश और आचार्य धीरज के सतत प्रयास से भारतीय ज्योतिष संस्थान रूपी पौधा रोपित हुआ और आज 10 वर्षों में एक वट वृक्ष की तरह चारों ओर फैल गया.
आचार्य मनोज जी द्वारा सन्स्थान के साथ अनुभव और बहुत ही सुंदर साजबाज सहित भजन की प्रस्तुति राधे रानी मिश्री से मिठो तेरो नाम। बाल मुकन्द जी द्वारा बहुत सुंदर सँस्कृत में श्लोक किरन मौसी जी द्वारा संस्थान के स्थापना दिवस पर स्वरचित गीत, सुनीता सहारण जी द्वारा अनुभव , पुस्तक सिह जी द्वारा मंगलग्रह का इस वर्ष में प्रवेश कई खुशियां प्रदान करेगा . पुष्पा माता जी द्वारा गीता का ज्ञान हिंदी में काव्य रूप में सुंदर प्रस्तुति। प्रांजल गुप्ता जी ने संस्थान के साथ व्यतीत अनुभव को साझा किया । सतीश शर्मा जी द्वारा सलामत रहेगा मेरे मन मे श्याम बसे मनमोहक प्रस्तुति लक्ष्मी पोरवाल जी ,नीलेश पोरवाल जी द्वारा गीत।
डॉक्टर अंबिकेष जी द्वारा बहुत सुंदर मन्त्र मुग्ध करने वाला उदबोधन के साथ संस्थान की पूर्ण जानकारी ओर उसके महत्व बतलाये कि विद्यालय में बहुत सीमित शुल्क में शिक्षा देना, समय समय पर निःशुल्क 15 दिवसीय ज्योतिष सीखिए,एक माह की कर्म कांड की आन लाइन क्लास चलाई जाती है . गरीब बच्चों की शिक्षा निःशुल्क दी जाती है। इसके साथ ही संस्थान के सदस्यों की पदोन्नति की घोषणा की गयी। सभी नव निर्मित पदाधिकारियों को बधाई देकर आपने कार्य जिम्मेदारियां प्रदान की. आचार्य धीरज दुबे जी ने विगत इन 10 वर्षों में इस भारतीय ज्योतिष सन्स्थान द्वारा प्रगति को रेखांकित किया .
मुख्य अतिथि अनिता श्रीवास्तव जी (स्वर्गीय अनुभव श्रीवास्तव जी की माताजी) और के द्वारा आशीर्वचन में स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा कि यह संस्थान सराहना के साथ दिन दुगुनी रात चौगुनी उन्नति करें। संगीता सुयाल जी के द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापन और कार्यक्रम का अंत सुनीता सहारण जी द्वारा शांति मन्त्र पाठ के साथ किया गया।
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