सपनों का आकार मायने नहीं रखता। यह मंशा, दृढ़ विश्वास और प्रयास है जो मायने रखते।
इसलिये छोटे बड़े सब सपने देखा करो, साथ में जज़्बा भी रखो उन्हें पूरा करने का। जो बदला जा सके, उसे बदलो। जो बदला ना जा सके, उसे स्वीकार करो।
जो स्वीकारा न जा सके, उससे दूर हो जाओ, लेकिन खुद को खुश रखो क्योंकि वह भी एक बड़ी जिम्मेदारी है।
