लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की मदद करने के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं। इनमें से एक संस्था का नाम है एक कोशिश ऐसी भी। कोरोनाकाल में इस संस्था ने हर संभव मदद की और हर पीडि़त परिवार तक पहुंचकर मदद भी की। पैसे के अभाव में उपचार से दूर लोगों की भी मदद यह संस्था करती है और इसकी नेतृत्वकर्ता हैं वर्षा। ऐसे ही एक पीडि़त परिवार की उन्होंने मदद की। उन्हीं की जुबानी सुनिए- एक परिवार की खुशी देखते नहीं बनती जब उसे यह पता चले कि जिन बातों के लिए वह लंबे समय से परेशान था वह कार्य आपका निशुल्क हो जाने वाला है कुछ ऐसा ही होगा इस परिवार की बिटिया पिछले 1 महीने 2 दिन से शताब्दी अस्पताल में एडमिट थी ।
कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर दिया था और उनके मेजर ऑपरेशन से गुजरना पड़ा उन्होंने बताया कि हमारे पास ऑपरेशन के भी पैसे नहीं थे तो आयुष्मान योजना के अंतर्गत उनको लगभग रू 50000 की मदद मिली तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं सरकार का हम। उनके पास वापस जाने के भी पैसे नहीं थे जब हमारी गाड़ी किसी पेशेंट को लेकर शताब्दी अस्पताल पहुंची उसी समय इन्होंने इस गाड़ी पर लिखा हुआ देखा की निशुल्क एंबुलेंस है उन्होंने तुरंत नंबर नोट करके एक दिन पहले ही गाड़ी आज के लिए बुक कर ली । आज की सेवा का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ अन्य गाडिय़ां व्यस्त थी और इस गाड़ी का ड्राइवर बीमार था इस गाड़ी को कस्ता लखीमपुर सीतापुर से लगभग 28 किलोमीटर आगे ले जाना था और प्रभु ने इतनी हिम्मत दी किया कार्य सफलतापूर्वक कर पाए परिवार को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इस कार्य को करने के लिए सिर्फ और सिर्फ आपके विश्वास नहीं मुझे प्रेरित किया ।


