
बाराबंकी, 21 नवम्बर , कथा के तीसरे दिवस कामाख्या धाम अयोध्या से पधारे परम पूज्य अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता इंद्रेश कौशिक जी महाराज जी ने कह की व्यास जीने पहले 17 पुराणों की रचना की फिर भी संतुष्ट नहीं हुए. नारद जी से कहा संतुष्टि का मार्ग बताओ नारद जी ने श्रीमद् भागवत पुराण की रचना करने को कहा व्यास जी ने 18पुराण के रूप में श्रीमद भागवत पुराण की रचना की उसको गाने सुनाने के लिए के लिए अपने पुत्र सूत जी से कहा फिर सूत जी ने राजा परीक्षित को कथा सुनाया और राजा बलि की कथा , हिररणा कश्यप, समुद्र मंथन की कथा सुनाई l
मुख्य यजमान भानु प्रताप सिंह आचार्य विकास तिवारी आचार्य विवेक मिश्रा अभय सिंह मोनू पांडे अमित तिवारीआदि भक्तजन मौजूद रहे l
