कोरोना काल में जनता के मन मेँ कोरोना के संक्रमण, उपचार एवँ बचाव के सम्बंध मेँ अनेक धारणाएँ एवँ भ्रांतियाँ व्याप्त हैं उन्हीं को स्पष्ट कर रहे हैं केन्द्रीय होम्योपैथिक परिषद के पूर्व वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अनुरूद्व वर्मा।
प्रश्न: होम्योपैथी मेँ कोरोना से बचाव का क्या उपाय है।
उत्तर: होम्योपैथी में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय ने आर्सेनिक एल्बम 30 शक्ति में 3 दिन तक प्रातः खाली पेट लेने की सलाह दी है उसके 21 दिन बाद इसे पुनः लेना है इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी जिससे कोरोना से बचाव में मदद मिलेगी।
प्रश्न: कोरोना संक्रमण के पश्चात नेगटिव हो जाने के बाद क्या सामान्य जीवन जी सकते है।
उत्तर: कोरोना निगेटिव हो जाने के बाद भी मास्क लगाना, बार बार हाथ धोना, दो गज की दूरी बनाये रखना, भीड़-भाड़ में जाने से बचना, गुनगुना पानी पीना, संतुलित आहार लेना , विटामिन सी का प्रयोग करना और चिकित्सक द्वारा बताई गयी सलाह का पालन करना चाहिए।
प्रश्न: आज कल सोशल मीडिया पर कोरोना के लिए अनेक होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक नुख्से बताये जा रहें हैं क्या उन्हें लेना चाहिए।
उत्तर: सोशल मीडिया पर बताये गयी सलाह पर अमल करना उचित नहीं है। सरकारी दिशा निर्देशों और प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही कोई दवाई लेनी चाहिये।
प्रश्न: कोरोना संक्रमण के बाद होने वाली जटिलताओं का उपचार होम्योपैथी में है।
उत्तर: कोरोना संक्रमण के बाद कमजोरी, शरीर मे दर्द, चक्कर आना, भूख कम लगना, याददाश्त में कमी,सांस लेने में परेशानी, अनिद्रा आदि समस्याएं हो सकती है। पौष्टिक भोजन लें, योग, प्राणयाम करें, दिन चर्या को नियमित करें । होम्योपैथी में इसके उपचार के लिए प्रभावी औषधियाँ हैं जिनका प्रयोग चिकित्सक की सलाह पर ही करें।
प्रश्न: डायबिटीज के रोगी कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं।
उत्तर: डायबिटीज रोगी कोरोना की वैक्सीन लगवा सकते है। डाइबिटीज को कंट्रोल रखें। कोरोना से बचाव के सभी उपाय करें।
प्रश्न: क्या होम्योपैथिक दवाइयाँ शरीर में ऑक्सीजन की कमी को बढ़ा सकती है।
उत्तर: होम्योपैथिक दवाइयाँ मेडिकल ऑक्सीजन का विकल्प नहीं हो सकती है परंतु यदि मेडिकल ऑक्सीजन के साथ प्रयोग की जाएं तो ऑक्सीजन पर निर्भरता कम हो सकती है और ऑक्सीजन लेवल बढ़ने में मदद मिल सकती है।
प्रश्न: क्या कोरोना के उपचार में एलोपैथिक दवाईओं के साथ होम्योपैथिक दवाईओं का प्रयोग किया जा सकता है।
उत्तर: स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित एलोपैथिक प्रोटोकाल के साथ यदि प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से होम्योपैथिक औधाधि ली जाए तो बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
प्रश्न: क्या होम्योपैथी मेँ कोरोना की कोई पेटेंट दवाई है।
उत्तर: होम्योपैथी में रोग नहीं रोगी की औषधि होती है जो उसके व्यक्तिगत लक्षणों, आचार-विचार, व्यवहार, पसंद नापसंद को ध्यान में रखकर दी जाती है।
प्रश्न: कोरोना की खबरों के कारण प्रयाप्त नींद नहीं पड़ती है।
उत्तर: मन को शांत रखे, मधुर संगीत सुने, हल्का भोजन करें, योग एवँ प्राणयाम करें। खुली हवा में छत पर टहलें। नींद की एलोपैथिक दवाईओं का प्रयोग बिल्कुल न करें।
प्रश्न:कोरोना नेगेटिव होने के कितने समय बाद टीका लगवा सकते हैं।
उत्तर: कोरोना से नेगटिव होने के बाद बदलते नियमों के अनुसार अब 3 माह बाद कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाया जा सकती है।
प्रश्न: कोरोना का प्लाज़्मा थेरेपी से इलाज हो सकता है।
उत्तर: आई.सी.एम.आर. ने प्लाज़्मा थेरेपी को प्रोटोकाल से अलग कर दिया है।
प्रश्न : कोरोना रोगी की देखभाल करने वाले को क्या सावधानी अपनानी चाहिए।
उत्तर: उन्हें ज्यादा सावधानी की जरूरत है। मास्क लगाना, 6 फिट दूरी बनाए रखना, लगातार साबुन से हाथ धोना, लगातार सेनिटाइज करते रहना, रोगी के कपड़े, बर्तन को न छूना, कोरोना का टीका लगवा लेना,रोगी के बाथरूम, टॉयलेट को शेयर न करना चाहिए।
किसी जानकारी के लिए आप डॉ अनुरुद्ध वर्मा से 9425975558, 6392090088 पर सम्पर्क कर सकते हैं
