बलिया जिला के बेलगाम शिक्षा अधिकारी पर समय रहते लगाम लगाए सरकार : ओम प्रकाश त्रिपाठी
कोर्ट के आदेश शिक्षा अधिकारियों के लिए कोई मायने नहीं : विजय कुमार सिंह
बलिया / लखनऊ , 26 फरवरी। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग मे बेलगाम शिक्षा अधिकारी के लिए कोर्ट तथा उच्च शिक्षा अधिकारियों के आदेश को दरकिनार कर मनमा ने ढंग से लंबित मामलो के निस्तारण किये जाने पर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, संरक्षक विजय कुमार सिंह एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने देवरिया जिले के मामले को शिक्षा विभाग के लिए मानवता पर कलंक बताया है।

उन्होंने बलिया जिले के जुबली संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य डॉ आर के त्रिपाठी का पिछले आठ वर्ष से वेतन भुगतान रोक कर उनका आर्थिक, मानसिक रूप से किये जा रहे उत्पीड़न की ओर अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा एवं डी जी शिक्षा मोनिका रानी का ध्यान आकृष्ट कर समय रहते व्यक्तिगत हस्त क्षेप किये जाने की मांग की है।

जिला विद्यालय निरीक्षक बलिया कार्यालय घोर भ्रष्टाचार का केंद्र बना हुआ है। अध्यापकों के सामान्य कार्य ,वेतन,पेंशन, अवशेष वेतन का भुगतान, पदोन्नतियों के अनुमोदन में भी ₹100000 का मांग किया जा रहा है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी जुबली संस्कृत कॉलेज बलिया के प्राचार्य डॉ आर के त्रिपाठी का 8 वर्ष से वेतन भुगतान रुका हुआ है, उनके भुगतान के लिए ₹500000 की मांग की जा रही है। बीएसए देवरिया कार्यालय में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी साल भर से वेतन भुगतान न होने के कारण वहां के एक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने खुदकुशी कर ली है। पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह ने 178 अध्यापकों का फर्जी नियुक्ति किया था, जिनका भुगतान वर्तमान जिला विद्यालय निरीक्षक ने रोक दिया था, किंतु अब वह नियमों के खिलाफ वेतन भुगतान करने जा रहे हैं इसकी जांच आवश्यक है। शिक्षक नेताओ ने मामले का शीघ्र निराकरण कर न्याय प्रदान किये जाने की पुर जोर मांग की है।
