लखनऊ, 21 मार्च , विश्व वानिकी दिवस (World Forestry Day) के अवसर पर आज 21 मार्च को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान सभागार लखनऊ में विभागीय कार्यशाला व जन संवाद का आयोजन कर प्रदेश में वन्य क्षेत्र का घनत्व बढ़ाने वन्य जीवों को प्राकृतिक वास देने तथा जल व पर्यावरण संरक्षण को मानवानुकूल बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
विश्व वानिकी दिवस (World Forestry Day) के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि , पर्यावरण व जल संरक्षण से ही मानव जीवन की सृष्टि संरचना संभव है और सृष्टि संरचना मानव जीवन के अस्तित्व का आधार है ऐसे में हम सब का दायित्व बनता है कि हम सब मिलकर सामूहिक तौर पर समन्वय बना कर अधिकाधिक संख्या में वृक्षा रोपण करें और वन्य जीवों का भी संरक्षण करें ताकि प्रकृति और मानव का महत्व बना रह सके।
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि , जन संवाद एवं समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से वन्य परिक्षेत्र बढ़ाया जा रहा है तथा सब को खाली पड़े स्थानों पर वृक्ष लगाने (World Forestry Day) व उन्हें संरक्षित करने के लिए लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि , वृक्ष संरक्षण , पक्षी संरक्षण व जल संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि जल व पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे सके।

वन्य राज्य मंत्री के० पी० मालिक ने कहा कि , समूचे प्रदेश में प्रायोजित तरीकों से वृक्षारोपण अभियान को गति देकर धरती को हराभरा बनाए जाने का प्रभावी प्रयास किया जा रहा है।
World Forestry Day : आयोजित कार्यक्रम में ही महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट , रूल ऑफ लॉ सोसायटी अध्यक्ष (अवध) सोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट , एकल विद्यालय सचिव (पूर्वी उत्तरप्रदेश) संजीव कुमार , उपाध्यक्ष समाजसेवी पर्यावरण विद अभिषेक श्रीवास्तव , गोमती यात्रा संयोजक अनुराग पाण्डेय अध्यक्ष श्वेता सिंह , प्रवक्ता डॉ० पंकज श्रीवास्तव ने वन एवं पर्यावरण मंत्री को ज्ञापन देकर सड़कों एवं राज्य मार्गों के किनारे पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण करने नदी तालाब , पोखरा , झील एवं मठ मंदिर तथा खाली पड़े स्थानों पर स्थानीय जन सहयोग से सघन वृक्षारोपण आयोजित करने की मांग की।

प्रतिनिधि मण्डल ने सरयू नदी व गोमती नदी को पतित पावनी व जीवन दायिनी बताते हुए दोनों नदियों को सरस सलिला तथा अविरल बनाए रखने के लिए लगातार साफ सफाई एवं तटीय इलाकों में वन्य क्षेत्र स्थापित कराए जाने की भी मांग किया।वन मंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल को पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण के लिए आश्वस्त किया तथा विभागीय समन्वय व सहयोग की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम (World Forestry Day) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों को मुख्यमंत्री तथा वन मंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया तथा समूचे प्रदेश को हराभरा बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण महाअभियान (World Forestry Day) में जन सहभाग का आवाह्न किया।
