तदर्थ शिक्षकों के विनियमि तीकरणं मे हीलाहवाली पर कोर्ट सख़्त पांडेय गुट
- चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 33 छ की समय सीमा से अच्छादित सभी तदर्थ शिक्षकों का हो विनियमितीकरण -डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- तीस दिसंबर दो हजार तक नियुक्त सभी तदर्थ शिक्षकों को नियमित न किया जाना शासन की मंशा के विपरीत- ओम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ , 21 अप्रैल 2025, campussamachar.com, उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने प्रदेश के गैर सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में 1993से तीस दिसंबर 2000 के मध्य नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण में मंडलीय समितियों द्वारा अपनाये जा रहे असंवैधानिक रवैये पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
संघ ने कहा है कि समितियों द्वारा लगातार शासन एवं कोर्ट के दिशा निर्देश की अवहेलना की जारही है। इसे लेकर कोर्ट ने इन शिक्षकों के संबंध में दिये गये निर्णयों को एक सिरे से खारिज कर उनसे कार्य लेने और नियमित वेतन भुगतान करने के स्पष्ट आदेश जारी किया है।

संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने आज यहाँ जारी अपने एक बयान मे कहा कि जिसे शासन और कोर्ट जायज बताता है , उसे मंडलीय समितियां उसे नजरंदाज करते हुए अपने हित उद्देश्यों से गलत व्याख्या कर मामले निरस्त कर शिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड कर रहे हैं । शासन और सत्ता के निर्णयों के विपरीत लगातार की जा रहे इन मनमानी कार्यवाहियो पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाने की संगठन शासन से माँग करता है।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि ऐसे सभी अधिकारियों को चिंहित कर उनके विरुद्ध कार्यवाही किये जाने की संगठन माँग करता है जो शासन एवं कोर्ट के गाइड लाईन को लगातार अंदेखी कर सरकार की छवि धूमिल करने पर तुले हुए हैं। शिक्षक संघ का साफ तौर पर कहना है कि तीस दिसंबर 2000 इतनी लंबी सेवा के बाद उन्हें सेवा से विमुक्त किया जाना घोर अन्याय है। उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस अतिसवेदन शील मामले की ओर व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित किया है और समय सीमा से अच्छादित सभी तदर्थ शिक्षकों को विना किसी भेदभाव अपनाये विनियमित कर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा जगत से तदर्थवाद को समाप्त किये जाने की पुरजोर माँग की है।
