- पांडेय गुट ने की शिक्षा अधिकारियों द्वारा अधिनियमों के प्रावधानों का उल्लंघन को संज्ञेय अपराध घोषित करने की मांग : डॉ जितेंद्र पटेल
- सिटीजन चार्टर लागू न करने वाले अधिकारी को चिंहित कर हो कार्र्वाई : ओम प्रकाश त्रिपाठी
- शिक्षा विभाग के भृष्टाचार पर लगे प्रभावी अंकुश : आशीष सिंह
लखनऊ, 08 अप्रेल , उ प्र माध्य मिक शिक्षक संघ ( पांडेय गुट ) ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा इंटरमीडियेट एक्ट में विहित प्रावधानों का उल्लंघन कर मनमाना रवैया अपनाये जाने पर संज्ञेय अपराध के तहत मुकदमा दर्ज कर करवाई किये जाने की मांग की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल, उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी एवं महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने इस ओर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है और प्रावधानित व्यवस्था के तहत प्रभावी करवाई को कडाई से लागू किये जाने की मांग की है।

शिक्षक नेताओ ने बताया कि शिक्षा अधिनियम के कानून का उल्लंघन किये जाने का खामियाजा शिक्षकों को जहां एक ओर भुगतना पड़ रहा है , वहीं दूसरी ओर मामले लगातार न्यायालयों मे योजित होते चले जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। शिक्षण संस्थान अब राजनीति का अखड़ा बनते चले जा रहे हैं। शिक्षक नेताओं ने बताया कि संगठन की मांग पर लागू सिटीजन चार्टर भी दिखावा मात्र बन कर रह गया है। इसके चलते समय से लंबित मामलों का निस्तारण न होने से शिक्षकों का लंबित अवशेषों के एक अरब रु से भी अधिक धनराशि भुगतान के मामले विभिन्न स्तरों पर लगातार लंबित होते जा रहे हैं।

शिक्षक नेताओ ने उपर लिखित विंदुओं की ओर विभाग के शीर्ष शिक्षा अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर विद्यालयों से लेकर शासन स्तर के अधिकारियों को जो इसके लिए सीधे जिम्मेदार नहीं है, को भी न्यायालय के चक्करो में जूझना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री उ प्र सरकार से साफ तौर पर मांग को दोहराते हुए शिक्षा के कानूनों का उल्लंघन करने को अविलंब संज्ञेय अपराध घोषित कर प्रावधानों को कड़ाई से लागू किये जाने की पुरजोर मांग की है।
