लखनऊ,-7 अगस्त पुरानी पेंशन की बहाली, सभी शेष बचे तदर्थ शिक्षकों को नियमित कर तदर्थवाद की समाप्ति एवं पुरानी पेंशन से अच्छादित शिक्षक/ शिक्षिकाओं के जी. पी. एफ. खाते मे उनके एन. पी .एस. खाते में जमा धन राशिमय ब्याज जमा किये जाने सहित पंद्रह सूत्रीय मांगो को लेकर राजधानी के माध्यमिक शिक्षक/ शिक्षिकाओ ने आज 07 अगस्त को DIOS Lucknow स्थित शिक्षा भवन में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित लंबित मांगो का ज्ञापन सौंपा गया और उनके त्वरित निस्तारण कराये जाने की मांग की।
पांडेय गुट के आह्वान पर आज पूर्व घोषित संघर्ष के प्रथम चरण के कार्य क्रम में शिक्षा भवन पर भारी संख्या में शिक्षक/ शिक्षिकाओं ने पहुँच कर धरना प्रदर्शन कर अपनी ज्वलंत मुद्दे की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष नवल अवस्थी एवं संचालन प्रदेश संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने किया।
इस अवसर पर संगठन द्वारा शासन स्तर पर लंबित , एवं डी आई ओ एस कार्यालय पर लंबित दो स्तरीय माँगो का ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार पांडेय को प्रस्तुत किया गया और उस पर शीघ्र वार्ता कर विधिक कार्यवाई किये जाने पर मांग की गई। जि. वि. नि श्री पांडेय ने संगठन द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर अपने स्तर पर शीघ्र कार्यवाई कर लंबित समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वाशन दिया।
शिक्षा भवन पर आयोजित आज के धरने को संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रवक्ता ओंम प्रकाश त्रिपाठी ने अपने संबोधन मे सरकार पर माध्यमिक शिक्षकों के साथ भेदभाव एवं सौतेला व्यवहार अपना ये जाने का आरोप लगाते हुए एडेड कालेजों के शिक्षक/ शिक्षिकाओं को भी राज्य कर्मियों की ही भाँति पं दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्यरत एवं सेवानिवृत शिक्षको पर लागू किये जाने की मांग को जोरदार ढंग से उठाया।
वरिष्ठ नेता भगवान शंकर त्रिवेदी जी ने एक लंबी सेवा करने के बाद भी तदर्थ शिक्षको के विनियमितिकरण के मुद्दे को उठाते हुए अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। महामंत्री आशीष कुमार सिंह ने अधिकारियों पर शिक्षक समस्याओं के निस्तारण किये जाने में सिटिज़न चार्टर लागू न कर स्वेच्छाचरिता का आरोप लगाया और कहा कि यह रवैया विभाग में भ्रष्टाचार को सीधे तौर पर बढ़ावा देता है , उन्होंने तत्काल जारी नागरिक संहिता के मुताबिक समस्याओं को निस्तारित किये जाने की मांग को बल पूर्वक उठाया। संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में कार्य पर रहे शिक्षको को तत्काल उपार्जित अवकाश का आदेश जारी करने की मांग की वकालत की।
आज के धरने को प्रदेश के शिक्षक नेता राज कुमार बाजपेई, नंद कुमार मिश्र, बच्चूलाल भारती, रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी, रीता द्विवेदी, हरिश्चन्द्र सिंह ,संतोष रस्तोगी, डॉ सुमन शुक्ला, सुरेंद्र पाल, नीरज मिश्रा, आई एम अवस्थी, जे के यादव, गणेश शंकर मिश्र, शशांक वाजपेयी, प्रेम चंन्द्र महेंद्र यादव सहित अनेक वक्ताओ ने अपने संबोधन में शासन एवं शिक्षा विभाग की शिक्षा और शिक्षक विरोधी नीतियों की जम कर आलोचना की।
