लखनऊ . उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार त्रिपाठी द्वारा निजी कारणों से अध्यक्ष पद पर कार्य करने में असमर्थता जताने के बाद डॉक्टर प्रमोद मिश्रा ( वाराणसी ) को संगठन का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. प्रदेश कार्य समिति ने सर्वसम्मति से डॉक्टर प्रमोद मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. डॉक्टर प्रमोद मिश्रा उपाध्यक्ष थे और संगठन के संविधान के अनुरूप उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है .
प्रमोद मिश्रा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद संगठन स्तर पर अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहे हैं. इनमें पहला यही है कि क्या सुरेश कुमार त्रिपाठी अब नए रास्ते की राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं या फिर माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट ऊंचाइयों को छूने के बाद जमीनी स्तर पर कमजोर होने की शुरुआत हो रही. ऐसा कहने वाले हाल ही में घोषित विधान परिषद सदस्यों के उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और उनके चल रहे चुनाव प्रचार को देखकर आकलन कर रहे हैं . हालांकि चुनाव में थोड़ा समय है लेकिन जिस तरीके से संगठन के उम्मीदवारों की घोषणा हुई है, उससे शिक्षक संघ का एक बड़ा वर्ग नाराज है .
इनमें सबसे अहम लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घोषित किए गए उम्मीदवार को लेकर है .कारण याह है कि लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से घोषित उम्मीदवार जगजीवन शुक्ल का चुनाव प्रचार उस रफ्तार में नहीं हो पा रहा है जितना होना चाहिए था . हालांकि अब इन सब मुद्दों को छोड़कर प्रमोद कुमार मिश्रा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद अब संगठनात्मक बदलाव होना तय माना जा रहा है . प्रमोद मिश्रा के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन के कुछ पदों पर भी बदलाव तय माना जा रहा है और अब नए समीकरण के हिसाब से शर्मा गुट की राजनीति संचालित होगी . ऐसे में यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है कि राजधानी लखनऊ में शिक्षक संघ ( शर्मा गुट ) के कामकाज की क्या स्थिति रहेगी ? आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा.
