लखनऊ . अटेवा पेंशन बचाओ मंच विगत 13-14 वर्षों से पुरानी पेंशन की बहाली एवं निजीकरण की समाप्ति हेतु लगातार संघर्षरत है। न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी NMOPS के बैनर तले राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ के नेतृत्व में पुरानी पेंशन की बहाली की लड़ाई लड़ी जा रही है। पूर्व में संघर्ष के सुखद परिणाम भी देखने को मिले हैं। जिसमें राजस्थान, झारखंड, हिमांचल प्रदेश,छत्तीसगढ़ एवं पंजाब में पूरानी पेंशन बहाल हुई।
पूरे देश मे पुरानी पेंशन बहाली एवं सरकारी विभागों के अंधाधुंध हो रहे निजीकरण को रोकने की लड़ाई जोरदार तरीके से लड़ी जा रही है। समय – समय पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन, रैलियों इत्यादि के माध्यम से अपनी बात सरकारों तक पहुंचाया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु जी कहते हैं कि जब छोटे-छोटे प्रदेश अपने कर्मचारियों को वृद्धावस्था की सामाजिक सुरक्षा पुरानी पेंशन दे सकते हैं, तो क्या उत्तर प्रदेश उन प्रदेशों से कमजोर स्थिति में है। यदि सरकार चाहे तो उत्तर प्रदेश भी अपने कर्मचारियों को वृद्धावस्था की सुरक्षा पुरानी पेंशन बहाल कर सकते है।
प्रदेश के लाखों शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी लंबे समय से अपने सेवानिवृत्त जीवन की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पुरानी पेंशन व्यवस्था कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पश्चात निश्चित एवं सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती थी, जबकि वर्तमान अंशदायी पेंशन व्यवस्थाओं को लेकर कर्मचारियों में अनेक प्रकार की आशंकाएँ एवं असंतोष व्याप्त है। क्योंकि नयी पेंशन व्यवस्था सुरक्षा न होकर एक स्कीम मात्र है।
अब तक आए परिणामों ने यह साबित भी कर दिया है कि नयी पेंशन व्यवस्था में सेवानिवृत्त होने वाला शिक्षक कर्मचारी आर्थिक सुरक्षा की दृष्टि से स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है। बीच में सरकार कर्मचारियों के लिए UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) लेकर आयी यह व्यवस्था तो NPS से भी बेकार है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि UPS को लगभग 96% शिक्षक, कर्मचारियों ने नकार दिया। इसलिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किया जाना अति आवश्यक है, जिससे शिक्षक-कर्मचारी अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके।
इस समय उत्तर प्रदेश का शिक्षक, कर्मचारी व अधिकारी पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर अत्यंत आशान्वित भी है, क्योंकि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर से सांसद थे तो उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली की वकालत की थी और तत्कालीन प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग की थी, इससे यह लगता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पुरानी पेंशन बहाली के समर्थक है। इसलिए पेंशन बहाली की उम्मीद करना स्वाभाविक है।
वर्तमान में सरकारी विभागों का धड़ाधड़ हो रहा निजीकरण भविष्य में युवाओं के लिए अत्यंत घातक होगा। साथ ही देश पर भी इसके प्रतिकूल प्रभाव पड़ेंगे। युवाओं के लिए रोजगार का संकट तो पैदा होगा ही, आम जनमानस का धन कुछ पूंजिपतियों की जेब भरेगा। जो देश के लिए भविष्य में विषम स्थितियां पैदा करेगा। अतः निजीकरण की समाप्ति हेतु अटेवा और सहयोगी संगठन जी-जान से संघर्ष कर रहे हैं।
वर्तमान में RTE ACT लागू होने से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को भी TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। हाल ही में तमाम शिक्षकों ने यह परीक्षा पास भी कर लिया है, जो शिक्षक बचे है वह भी भविष्य में पास कर लेंगे। क्योंकि शिक्षकों का काम ही पढ़ना और पढ़ाना है। लेकिन सवाल यह है की किसी व्यक्ति पर उन नियमों को थोप देना कहाँ तक न्याय संगत है, जो उसकी नियुक्ति के समय पर थे ही नहीं। यदि यह TET अनिवार्यता का नियम समाप्त नहीं होता है तो भविष्य में अन्य विभागों में भी अन्यायपूर्ण नियम आ सकते है, जिसके बहुत दुष्प्रभाव पड़ेंगे। इसलिए हम और हमारा संगठन ऐसे मनमाने नियमों का पुरजोर विरोध करता आया है, और लगातार TET की इस बाध्यता के विरोध में खड़ा रहेगा।
उक्त मुद्दों को लेकर संगठन लगातार संघर्ष करता आया है, ब्लॉक, तहसील, जनपद, प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक संघर्ष करते रहे हैं और सरकारों का ध्यान आकृष्ट करवाते रहें है। अभी हाल ही मे 21 अगस्त 2026 को प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर तिरंगा यात्रा निकाल कर माननीय मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट करवाया गया। यह यात्रा अत्यंत सफल रही।
इसी क्रम में आगामी 25 सितम्बर 2026 को लखनऊ में अटेवा महारैली का आयोजन किया गया है।
हमें उम्मीद है कि इस रैली से प्रदेश के शिक्षकों, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति और टेट की अनिवार्यता की समाप्ति जैसे मुद्दों के हल होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ0 नीरजपति त्रिपाठी सभी शिक्षक,कर्मचारी संगठनों का आह्वान करते हुए कहते हैं कि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई हम सब की लड़ाई है इसलिए 25 सितंबर को सभी संघों से अनुरोध है कि इस लड़ाई में अटेवा का साथ दें। अपील का सपना और तमाम शिक्षक कर्मचारी अधिकारी संगठन ने अपना समर्थन व्यक्त किया है मीडिया प्रभारी डा राजेश कुमार ने बताया कि 25 सितंबर की रैली सफल हो इसके लिए लगातार स्कूल, कॉलेज व कार्यालयो पर लगातार जनसंपर्क किया जा रहा है जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग समर्थन कर रहे हैं लोगों में भारी उत्साह है।

