
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के केकेसी स्थित कार्यालय पर डॉ राम मनोहर लोहिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज यादव (saroj yadav) ने भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए और तीनों कृषि कानूनों की वापसी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार किसान आंदोलन के सामने नतमस्तक हो गई और इनका घमंड चूर चूर हो गया। भाजपा सरकार को एहसास हो गया कि यह तीनों कानून किसी भी सूरत में देश के किसान लागू नहीं होने देंगे और आखिरकार प्रधानमंत्री ने इस काले कानून की वापसी की घोषणा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष saroj yadav ने हमलावर होते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने कानून वापस लेकर यह सिद्ध कर दिया कि तीनों किसान कानून किसानों के हित में नहीं थे लेकिन जानबूझकर किसानों को परेशान किया जा रहा था। अब स्पष्ट रूप से पता चल चुका है कि भाजपा सरकार किसानों के हित के लिए कितनी बड़ी घातक हैफाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस समय यूपी समेत कई अन्य राज्यों के भी चुनाव निकट हैं यह इनका चुनावी स्टंट भी हो सकता है और देश के किसानों को इससे सावधान रहने की जरूरत है जब तक यह पूर्ण रूप से कथनी धरातल पर नहीं दिखती तब तक भाजपा सरकार पर विश्वास करना किसानों के लिए पैर में कुल्हाड़ी मारने जैसा होगा किसानों को आतंकवादी अलगाववादी आंदोलन परजीवी जैसे शब्दों से संबोधित करने वाली भाजपा सरकार देश के सभी किसानों से क्षमा मांगे और आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को सरकार मुआवजा दे।
