

- प्रधान पाठक शांति तिर्की ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु को ईश्वर से बड़ा माना गांव बिना गुरु के हम ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते इसलिए गुरूओ का सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है।
- आज का सफल संचालन अर्पिता सूर्यवंशी कक्षा आठवीं ने किया।
बिलासपुर , 06 सितम्बर , शा क पूर्व मा शाला सेमरताल शिक्षक दिवस को विद्यार्थियों ने बड़े धुमधाम से मनाया।इस सुअवसर पर मां सरस्वती जी की एवं डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का पुजा अर्चना किया गया तत्पश्चात पश्चात् कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आज विद्यार्थियों ने टीचर की भूमिका में रहे वे अपने अपने कक्षा का संचालन स्वयं किया। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षक शिक्षिकाओं को आमांत्रित कर मंच के आते तक फुलों के वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया और श्रीफल साल पेन से प्रधान पाठक शांति तिर्की संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा जी, प्रदीप कुमार मुखर्जी, अनिता बोरकर जी का सम्मानित किया।
प्रधान पाठक शांति तिर्की ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु को ईश्वर से बड़ा माना गांव बिना गुरु के हम ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते इसलिए गुरूओ का सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है। मां बाप भाई बहन मित्र सभी गुरू हो सकते हैं क्योंकि जो भी हमें सदमार्ग दिखाते हैं वहीं गुरु है। संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा जी ने कहा कि हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन महान् ज्ञानी और दर्शन शास्त्र के शिक्षा विद रहे। उन्होंने शिक्षकों का सम्मान करते हुए अपने जन्मदिन पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। आगे कहा कि जब जब गुरूओ का अपमान हुआ तब तब विनाश ही हुआ है।

हमारे प्रथम गुरु माता पिता है जिन्होंने हमें जन्म दिया दुसरा गुरु वे है जिन्होंने हमें बोलना, पढ़ना, लिखना और इस लायक बनाया। उ व शिक्षक अनिता बोरकर जी ने डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जीवन परिचय देते हुए कहा कि पांच सितंबर 1818 को तिरूतानी तमिलनाडु में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा तिरूतानी में किया बाद में उच्च कक्षा के लिए मद्रास के क्रीशिचन कालेज में शिक्षा ग्रहण किया. दर्शन शास्त्र में एम ए बीस साल के उम्र में ही डीग्री हासिल कर लिया।वे प्रध्यापक, प्रोफेसर, उपकुलपति, कुलपति, उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति,रहे और भारत रत्न से सम्मानित किया गया ऐसे महान विभूति को शत् शत् नमन है।

प्रदीप कुमार मुखर्जी ने कहा कि आज हमें सम्मान जो मिल रहा है वो महान शिक्षा विद डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के महानता के कारण हो रहा है।
समाज के निर्माण में,देश के विकास में शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । शिक्षा से ही हम शिखर पर जा सकते हैं और विश्व गुरु भारत बन सकता है हमारे देश में बड़े बड़े विद्वान हुए जिन्होंने आज हमें इन्हीं के बदौलत मान सम्मान मिल रहा है। आज के सुअवसर पर प्रदीप कुमार मुखर्जी सर के द्वारा सभी विद्यार्थियों को टाई वितरण किया गया। आज का सफल संचालन अर्पिता सूर्यवंशी कक्षा आठवीं ने किया।
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