नई दिल्ली, 03 अगस्त , देश के प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह X पर एक सुभाषितम् पोस्ट की है , वे अक्सर प्रेरणादायी सन्देश पोस्ट करते रहते हैं, आज पोस्ट की गयी सुभाषितम् का अर्थ है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य को कभी नहीं छोड़ना चाहिये . इस पोस्ट के बाद लोग तेजी से कमेन्ट कर रहे है , सब लोग अपनी -अपनी राय रख रहे हैं .
यह संस्कृत श्लोक धैर्य और कर्म का संदेश देता है।
विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य को कभी नहीं छोड़ना चाहिए। धैर्य के बल पर मनुष्य कभी-न-कभी अपनी स्थिति सुधार सकता है। जैसे समुद्र में जहाज़ टूट जाने पर भी नाविक अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए प्रयास करना नहीं छोड़ता, वैसे ही मनुष्य को कठिन समय में कर्म करते रहना चाहिए।
