- शिक्षा विभाग के निरंकुश अधिकारियों की वजह से शिक्षकों के जी पी एफ खाते में नहीं जमा हो सका एन पी एस खाते में हुई जमा कटौती की राशि : डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
- शिक्षा अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते बार बार प्रदेश मंत्रिमंडल तक निर्णय के लिए विवश हो रही योगी सरकार : ओंम प्रकाश त्रिपाठी
लखनऊ ,27 जून । राज्य निधि से सहायता प्राप्त गैर सरकारी माध्यमिक शिक्षण संस्थानों में बीते २८ मार्च २००५ के पूर्व हुए विज्ञापन शर्तों के मुताबित पुरानी पेंशन योजना से अच्छादित शिक्षकों के एन पी एस खाते मे जमा धन राशि को २८ फरवरी तक उनके सा मान्य भविष्य निधि खाते में कटौती की समग्र धन राशि ब्याज सहित जमा कर दिये जाने के आदेश के बाद भी विभाग द्वारा इस मामले मे लचर प्रक्रिया अपनाये जाने की वज़ह से आज तक नहीं जमा हो सका है।
उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने शासन का ध्यान आकृष्ट कर इस मामले मे तत्काल अपर मुख्य सचिव मा शिक्षा उ प्र शासन से हस्त क्षेप किये जाने की मांग की है। साथ ही साथ एन पी एस खाते मे जमा धन राशि अति शीघ्र शिक्षकों के जी पी एफ खाते में ब्याज सहित जमा सुनिश्चित कराये जाने की पुरजोर मांग की है।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी, महामंत्री आशीष कुमार सिंह एवं संयुक्त मंत्री मिथिलेश कुमार पांडेय ने आज यहाँ जारी अपनी प्रेस रिलीज मे बताया कि इस प्रक्रिया में हीलाहवाली किये जाने पर प्रदेश मंत्रिमंडल को बीते ३० जून २०२५ तक की सीमा को २८ फरवरी 2026 तक बढ़ने का निर्णय लेना पडा है। इसके बाद भी अभी तक धन राशि का शिक्षकों के जी पी एफ खाते में जमा न किया जाना अत्यंत ही घोर आपत्तिजनक स्थिति ही नहीं , अधिकारियों की सेवा आचरण नियमावली के भी सर्वथा विपरीत है। उन्होंने अति शीघ्र शिक्षकों के एन पी एस खाते में जमा धन राशि को उनके जीपी एफ खाते में जमा करने की मांग को दोहराया है।
शिक्षक नेताओ ने इस ओर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा जी का व्यक्ति गत ध्यान आकृष्ट कर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय को अमल में लाये जाने की पुरजोर मांग की है।
