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लखनऊ | नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ के सभागार में 27 अक्टूबर को छात्राओं के समग्र बौद्धिक विकास, व्यावसायिक जागरूकता तथा भविष्योन्मुखी मार्गदर्शन हेतु एक दिवसीय विशेष व्याख्यान (Expert Session) का आयोजन हुआ। इस आयोजन महाविद्यालय की करियर काउंसलिंग सेल (Career Counselling Cell) तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया| इसका मुख्य विषय “Careers Nobody Tells Graduates About” रहा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक पाठ्यक्रम आधारित सोच से बाहर निकालकर समकालीन औद्योगिक मांग, वैश्विक अवसरों तथा नए दौर के बहुआयामी करियर विकल्पों से सीधे रूबरू कराना था।
सत्र की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि सिंह (जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) ने डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं के समक्ष आधुनिक व्यापारिक व औद्योगिक परिदृश्य का अत्यंत सूक्ष्म एवं तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्यतः स्नातक करने वाले विद्यार्थियों के मानस में केवल 10 से 12 पारंपरिक करियर विकल्पों की ही जानकारी होती है, जबकि वास्तव में आज का जॉब मार्केट सैकड़ों विशिष्ट एवं अपरंपरागत अवसरों से भरा हुआ है। उन्होंने विस्तारपूर्वक समझाया कि किस प्रकार एक सामान्य स्नातक डिग्री किसी भी विद्यार्थी के लिए विभिन्न बहुआयामी करियर ट्रैक्स (Multiple Career Paths) के द्वार खोल सकती है, बशर्ते विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत रुझान और बाजार की मांग में सही तालमेल स्थापित करें।
डॉ. रश्मि सिंह ने विशेष रूप से आधुनिक दौर में डेटा और एनालिटिक्स की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मार्केट एनालिस्ट (Market Analyst), फाइनेंशियल एनालिस्ट (Financial Analyst), एचआर एनालिस्ट (HR Analyst) और बिजनेस एनालिस्ट (Business Analyst) जैसे उच्च मांग वाले करियर प्रोफाइल्स की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने समझाया कि उपभोक्ता प्राथमिकताओं और बाजार के रुझानों को समझने के लिए मार्केट एनालिस्ट, वित्तीय नियोजन व जोखिम आकलन के लिए फाइनेंशियल एनालिस्ट, कार्यबल प्रबंधन व प्रतिभा संवर्धन के लिए एचआर एनालिस्ट तथा संगठनात्मक प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाकर व्यावसायिक लाभ बढ़ाने के लिए बिजनेस एनालिस्ट की भूमिकाएं आज हर प्रमुख उद्योग में अपरिहार्य हो चुकी हैं।
स्नातक के बाद पीजीडीएम (PGDM – Post Graduate Diploma in Management) पाठ्यक्रम के महत्व और लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पीजीडीएम पाठ्यक्रम का स्वरूप पूर्णतः इंडस्ट्री-ओरिएंटेड (उद्योग-केंद्रित) और व्यावहारिक होता है, जो विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक व्यापारिक चुनौतियों, लाइव प्रोजेक्ट्स, केस स्टडीज और कॉर्पोरेट इंटर्नशिप्स के माध्यम से सीधे कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करता है। पीजीडीएम के माध्यम से छात्राओं को लीडरशिप क्वालिटी, नेटवर्किंग के वैश्विक अवसर, बहु-विषयक विशेषज्ञता (Dual Specialization) तथा कॉर्पोरेट जगत में उच्च वेतन पैकेज और प्रबंधकीय पदों (Managerial Roles) पर त्वरित करियर ग्रोथ प्राप्त करने का सीधा लाभ मिलता है।
उन्होंने छात्राओं को इन स्पेशलाइज्ड भूमिकाओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता के साथ-साथ क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और प्रभावी संप्रेषण जैसे सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने का आह्वान किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं ऑटोमेशन के इस परिवर्तनकारी युग में उन्होंने छात्राओं को ‘फ्यूचर-प्रूफ’ करियर रणनीति अपनाने पर बल दिया। सत्र के अंतिम चरण में आयोजित इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने छात्राओं द्वारा एनालिटिक्स रोल्स, पीजीडीएम प्रवेश प्रक्रियाओं, इंटर्नशिप्स तथा प्रोफाइल बिल्डिंग को लेकर पूछे गए अनेक संशयों का समाधान किया। सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय द्वारा की गई जिन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान युग केवल पारंपरिक डिग्रियों तक सीमित रहने का नहीं है, बल्कि नवाचार (Innovation), विश्लेषणात्मक सोच और व्यावहारिक कौशलों को आत्मसात करने का है। उन्होंने बल देकर कहा कि आधुनिक दौर में कौशल और नवाचार की अत्यंत आवश्यकता है; अतः छात्राएं पूरे आत्मविश्वास के साथ नए क्षेत्रों को तलाशें और आत्मनिर्भर बनकर समाज व राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना सक्रिय व नेतृत्वकारी योगदान दें।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा “जयपुरिया क्विज़ लीग 2026” का रोमांचक आयोजन किया गया। इस बौद्धिक क्विज़ प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने भारी संख्या में पूरे उत्साह, तत्परता एवं अनुशासन के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट सामान्य ज्ञान, व्यावसायिक सूझबूझ एवं त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 3 विजेता छात्राओं को ₹2,000 मूल्य के अमेज़न वाउचर से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई, साथ ही सभी प्रतिभागी छात्राओं का उत्साहवर्धन करने हेतु प्रत्येक प्रतिभागी को पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
इस क्विज़ प्रतियोगिता ने छात्राओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना और त्वरित तार्किक चिंतन को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्राओं से एक विस्तृत फीडबैक एवं असेसमेंट फॉर्म (Feedback Form) भरवाया गया। इस मूल्यांकन प्रपत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की व्यक्तिगत रुचि, स्वाभाविक रुझान, विश्लेषणात्मक क्षमताओं और कौशल का सटीक आंकलन करना था, ताकि यह स्पष्ट विश्लेषण किया जा सके कि कौन सी छात्रा किस विशिष्ट करियर अवसर (जैसे मार्केटिंग, फाइनेंस, एचआर, बिजनेस एनालिटिक्स अथवा जनरल मैनेजमेंट) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त व सक्षम है और उन्हें भविष्य में व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
इस प्रेरक अवसर पर करियर काउंसलिंग सेल की संयोजिका प्रो. शर्मिता नंदी,आईआईसी संयोजिका डॉ .सुनीता सिंह, सेल सदस्य डॉ. चनप्रीत कौर, डॉ. अनुरीमा बनर्जी, डॉ. सौम्या शुक्ला, डॉ . प्रतिमा घोष, श्रेयांश जयपुरिया इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि सहित महाविद्यालय के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सत्र में विभिन्न संकायों की भारी संख्या में छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतिभाग किया, जिससे पूरा कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, जीवंत एवं सफल रहा। क समझाया कि किस प्रकार एक सामान्य स्नातक डिग्री किसी भी विद्यार्थी के लिए विभिन्न बहुआयामी करियर ट्रैक्स (Multiple Career Paths) के द्वार खोल सकती है, बशर्ते विद्यार्थी अपने व्यक्तिगत रुझान और बाजार की मांग में सही तालमेल स्थापित करें।
डॉ. रश्मि सिंह ने विशेष रूप से आधुनिक दौर में डेटा और एनालिटिक्स की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए मार्केट एनालिस्ट (Market Analyst), फाइनेंशियल एनालिस्ट (Financial Analyst), एचआर एनालिस्ट (HR Analyst) और बिजनेस एनालिस्ट (Business Analyst) जैसे उच्च मांग वाले करियर प्रोफाइल्स की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने समझाया कि उपभोक्ता प्राथमिकताओं और बाजार के रुझानों को समझने के लिए मार्केट एनालिस्ट, वित्तीय नियोजन व जोखिम आकलन के लिए फाइनेंशियल एनालिस्ट, कार्यबल प्रबंधन व प्रतिभा संवर्धन के लिए एचआर एनालिस्ट तथा संगठनात्मक प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाकर व्यावसायिक लाभ बढ़ाने के लिए बिजनेस एनालिस्ट की भूमिकाएं आज हर प्रमुख उद्योग में अपरिहार्य हो चुकी हैं।
इसके साथ ही वक्ता महोदया ने स्नातक के बाद पीजीडीएम (PGDM – Post Graduate Diploma in Management) पाठ्यक्रम के महत्व और लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पीजीडीएम पाठ्यक्रम का स्वरूप पूर्णतः इंडस्ट्री-ओरिएंटेड (उद्योग-केंद्रित) और व्यावहारिक होता है, जो विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक व्यापारिक चुनौतियों, लाइव प्रोजेक्ट्स, केस स्टडीज और कॉर्पोरेट इंटर्नशिप्स के माध्यम से सीधे कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करता है। पीजीडीएम के माध्यम से छात्राओं को लीडरशिप क्वालिटी, नेटवर्किंग के वैश्विक अवसर, बहु-विषयक विशेषज्ञता (Dual Specialization) तथा कॉर्पोरेट जगत में उच्च वेतन पैकेज और प्रबंधकीय पदों (Managerial Roles) पर त्वरित करियर ग्रोथ प्राप्त करने का सीधा लाभ मिलता है।
उन्होंने छात्राओं को इन स्पेशलाइज्ड भूमिकाओं के अनुरूप तकनीकी दक्षता के साथ-साथ क्रिटिकल थिंकिंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और प्रभावी संप्रेषण जैसे सॉफ्ट स्किल्स विकसित करने का आह्वान किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं ऑटोमेशन के इस परिवर्तनकारी युग में उन्होंने छात्राओं को ‘फ्यूचर-प्रूफ’ करियर रणनीति अपनाने पर बल दिया। सत्र के अंतिम चरण में आयोजित इंटरएक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने छात्राओं द्वारा एनालिटिक्स रोल्स, पीजीडीएम प्रवेश प्रक्रियाओं, इंटर्नशिप्स तथा प्रोफाइल बिल्डिंग को लेकर पूछे गए अनेक संशयों का समाधान किया। सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय द्वारा की गई जिन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान युग केवल पारंपरिक डिग्रियों तक सीमित रहने का नहीं है, बल्कि नवाचार (Innovation), विश्लेषणात्मक सोच और व्यावहारिक कौशलों को आत्मसात करने का है। उन्होंने बल देकर कहा कि आधुनिक दौर में कौशल और नवाचार की अत्यंत आवश्यकता है; अतः छात्राएं पूरे आत्मविश्वास के साथ नए क्षेत्रों को तलाशें और आत्मनिर्भर बनकर समाज व राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना सक्रिय व नेतृत्वकारी योगदान दें।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा “जयपुरिया क्विज़ लीग 2026” का रोमांचक आयोजन किया गया। इस बौद्धिक क्विज़ प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने भारी संख्या में पूरे उत्साह, तत्परता एवं अनुशासन के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट सामान्य ज्ञान, व्यावसायिक सूझबूझ एवं त्वरित निर्णय क्षमता का प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 3 विजेता छात्राओं को ₹2,000 मूल्य के अमेज़न वाउचर से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई, साथ ही सभी प्रतिभागी छात्राओं का उत्साहवर्धन करने हेतु प्रत्येक प्रतिभागी को पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
इस क्विज़ प्रतियोगिता ने छात्राओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना और त्वरित तार्किक चिंतन को नई ऊर्जा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागी छात्राओं से एक विस्तृत फीडबैक एवं असेसमेंट फॉर्म (Feedback Form) भरवाया गया। इस मूल्यांकन प्रपत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की व्यक्तिगत रुचि, स्वाभाविक रुझान, विश्लेषणात्मक क्षमताओं और कौशल का सटीक आंकलन करना था, ताकि यह स्पष्ट विश्लेषण किया जा सके कि कौन सी छात्रा किस विशिष्ट करियर अवसर (जैसे मार्केटिंग, फाइनेंस, एचआर, बिजनेस एनालिटिक्स अथवा जनरल मैनेजमेंट) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त व सक्षम है और उन्हें भविष्य में व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सके।
इस प्रेरक अवसर पर करियर काउंसलिंग सेल की संयोजिका प्रो. शर्मिता नंदी,आईआईसी संयोजिका डॉ .सुनीता सिंह, सेल सदस्य डॉ. चनप्रीत कौर, डॉ. अनुरीमा बनर्जी, डॉ. सौम्या शुक्ला, डॉ . प्रतिमा घोष, श्रेयांश जयपुरिया इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि सहित महाविद्यालय के अन्य वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे। सत्र में विभिन्न संकायों की भारी संख्या में छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ प्रतिभाग किया, जिससे पूरा कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक, जीवंत एवं सफल रहा।
