लखनऊ . नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेंद्र नगर, लखनऊ के प्रांगण में रसायन विज्ञान विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आज २२ सितंबर २०२६ को “मेरे सपनों का भारत (विकसित भारत / जनकल्याणकारी योजनाएं)” विषय पर एक भव्य भाषण प्रतियोगिता का सफल आयोजन संपन्न हुआ। यह बौद्धिक समागम १७ सितंबर से १७ अक्टूबर २०२६ तक आयोजित हो रहे राष्ट्रव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संपन्न हुआ। इस अभियान का उद्देश्य छात्राओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्र निर्माण की भावना तथा समसामयिक विकास नीतियों के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, ऐतिहासिक जनकल्याणकारी कार्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा के विभिन्न आयामों को रेखांकित किया। उन्होंने अपने ओजस्वी वक्तव्य में कहा: आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल और संवेदनशील नेतृत्व में आज भारत न केवल आत्मनिर्भरता की राह पर द्रुत गति से अग्रसर है, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की धारा पहुंचाई जा रही है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि सेवा और सुशासन का जीवंत दर्शन बन चुका है। विकसित भारत का अर्थ केवल आधुनिक इमारतों और चमचमाती सड़कों का ढांचागत विकास ही नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सामाजिक न्याय, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गरिमापूर्ण जीवन उपलब्ध कराना है।”
प्राचार्या महोदया ने देश की अर्थव्यवस्था , राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सशक्त राष्ट्र बनने के लिए हमें आतंकवाद और आंतरिक संघर्षों जैसी गंभीर चुनौतियों को समूल समाप्त कर आंतरिक सुरक्षा व सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से बल दिया कि भारत का आधुनिक विकास अपनी जड़ों से कटकर नहीं हो सकता; हमारा विकास हमारी समृद्ध परंपरा और ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ की सुदृढ़ नींव पर आधारित होना चाहिए। जब हमारी प्राचीन वैज्ञानिक दृष्टि, नैतिक मूल्य और आधुनिक तकनीक का समन्वय होगा, तभी भारत वैश्विक पटल पर विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित होगा।
नारी सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा: प्रतियोगिता में छात्राओं ने हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने ओजस्वी विचारों से पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्राओं ने अपने वक्तव्यों में केंद्र सरकार की प्रमुख लोककल्याणकारी योजनाओं के सामाजिक प्रभावों को बहुत ही गहराई और आत्मीयता से प्रस्तुत किया।
छात्राओं ने रेखांकित किया कि किस प्रकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर बालिकाओं को शिक्षा के केंद्र में स्थापित किया है, तो वहीं ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ बेटियों के भविष्य को वित्तीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है। ग्रामीण अंचलों में ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ ने धुएं से मुक्ति दिलाकर माताओं-बहनों के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा की है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीबों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा, पीएम आवास योजना से हर सिर पर पक्की छत का स्वाभिमान, प्रधानमंत्री जन धन योजना के जरिए वित्तीय समावेशन और पीएम किसान सम्मान निधि द्वारा अन्नदाताओं को मिली संबलता पर विस्तार से विचार रखे गए। इसके अतिरिक्त छात्राओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक शांति और आर्थिक आत्मनिर्भरता को राष्ट्र निर्माण की पूर्व शर्त बताया। मूल्यांकन एवं निर्णायक मंडल से प्रो. विनीता सिंह ने छात्राओं की वैचारिक परिपक्वता एवं प्रस्तुति का सूक्ष्म व निष्पक्ष मूल्यांकन करने हेतु महाविद्यालय के विभिन्न संकायों की वरिष्ठ विदुषी प्राध्यापिकाएं निर्णायक मंडल में उपस्थित रहीं.

प्रो. शर्मिता नंदी (अर्थशास्त्र विभाग), प्रो. विनीता सिंह (समाजशास्त्र विभाग), डॉ. अनुरिमा बनर्जी (वाणिज्य विभाग) . निर्णायक मंडल की ओर से समाजशास्त्र विभाग की प्रो. विनीता सिंह ने अपने उद्बोधन में छात्राओं के आत्मविश्वास, गहन अध्ययन और वाक-चातुर्य की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने जिस बेबाकी और तार्किक स्पष्टता के साथ देश की आर्थिक नीतियों, आंतरिक चुनौतियों और सांस्कृतिक विरासत के विविध पहलुओं को प्रस्तुत किया है, वह अद्भुत है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों की हौसला-अफ़ज़ाई करते हुए कहा कि ऐसे मंच युवाओं की वैचारिक क्षमता को तराशते हैं और हार-जीत से परे सीखने की यह प्रक्रिया ही उन्हें भविष्य का कुशल नेतृत्वकर्ता बनाती है।
निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन मुख्य रूप से तथ्यात्मक गहराई, आत्मविश्वास व वाणी-प्रवाह तथा मंच प्रस्तुतीकरण शैली के आधार पर किया गया।
कड़े मुकाबले के उपरांत निर्णायक मंडल द्वारा घोषित विजेता प्रतिभागी:
प्रथम स्थान : निकिता सिंह
द्वितीय स्थान : मुस्कान मिश्रा
तृतीय स्थान : मान्या गुप्ता
चतुर्थ स्थान : सृष्टि मिश्रा
पंचम स्थान : शुभी सिंह
कार्यक्रम के सुव्यवस्थित आयोजन एवं प्रबंधन में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. मनीषा बड़ौनिया, डॉ. चंदन मौर्य एवं सुश्री दीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का मंच संचालन रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. सुनीता सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग के समस्त शिक्षकगण, महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी तथा भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
