लखनऊ | उत्तर प्रदेश शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर आरोप प्रत्यारोप के बीच उत्तर प्रदेश जनकल्याण समिति के अध्यक्ष शिवाकांत त्रिपाठी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची का सत्यापन करने की मांग की है | उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों की सघन जांच जरूरी है, जिनके नाम मतदाता सूची में है| यह जांच में देखा जाना चाहिए कि संबंधित मतदाता शिक्षक विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं या नहीं और उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया क्या रही है ?
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि शिक्षक मतदाता सूची में कई ऐसे नाम है, जो वास्तव में शिक्षक ही नहीं है ऐसे में निष्पक्ष , पारदर्शी चुनाव परिणाम के लिए जरूरी है कि राज्य सरकार , निर्वाचन आयोग ऐसी सभी मतदाता सूचियां का भौतिक सत्यापन करें ताकि यह पता चले किन फर्जी शिक्षकों ने वोट डाले हैं या मतदाता सूची को लेकर लगाया जाए आरोपों में की सत्यता क्या है ? उत्तर प्रदेश जन कल्याण समिति ‘के अध्यक्ष शिवा कान्त त्रिपाठी ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि एम.एल.सी. शिक्षक मतदाता सूची में दर्ज वित्तविहीन शिक्षकों की सघन जाँच कराएँ। मतदाता सूची में तमाम ऐसे नाम है जो शिक्षक ही नहीं हैं। 23 अक्तूबर को विधान परिषद् चुनाव के किये मतदान सम्पन्न हुआ है >
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