
- 10 फरवरी 23 को क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना दिया जायेगा एवं इसके पश्चात भी समस्या का समाधान नही हुआ तो 11 फरवरी को आंदोलन की अग्रिम रणनीति पर विचार किया जायेगा
लखनऊ। लुआक्टा ने लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध नारी शिक्षा निकेतन पी जी महाविद्यालय,लखनऊ के प्रबंधतन्त्र द्वारा शिक्षिकाओ/ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के माह दिसम्बर 22 एवं जनवरी 23 के वेतन भुगतान, प्रोन्नति, अवकाश एवं अन्य समस्याओं के सम्बंध में क्षेत्रीय उच्चशिक्षा अधिकारी, लखनऊ को पत्र लिखा है ।
लुआक्टा के अध्यक्ष डा मनोज पांडेय और महामंत्री डा अंशु केडिया की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि संगठन की ओर से पूर्व प्रेषित पत्र दिनांक 27 जनवरी 23 एवं 30 जनवरी 23 तथा नारी शिक्षा निकेतन पी जी महाविद्यालय की शिक्षिकाओ के द्वारा हस्ताक्षरित एवं आपको सम्बोधित तथा अध्यक्ष, लुआक्टा को प्रेषित पत्र दिनांक 7 फरवरी 23 का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें । आप अवगत है कि महाविद्यालय के प्रबंध तन्त्र द्वारा लगातार उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 एवं निदेशक उच्च शिक्षा के पत्रांक डिग्री अर्थ/16651-17180/1988 दिनांक 11-2-1988 (छाया-प्रति संलग्न) का उल्लंघन किया जा रहा है ।
लुआक्टा द्वारा कालेज प्रबन्धक से समस्या के समाधान के लिए वार्ता हेतु पत्र भी प्रेषित किया गया , किन्तु उनके द्वारा वार्ता की कोई तिथि निर्धारित नही की गयी । महाविद्यालय की शिक्षिकाओ द्वारा वेतन एवं अन्य समस्याओं के समाधान नही होने पर दिनांक 23 जनवरी 23 से 25 जनवरी 23 तक काला फीता बांधकर एवं दिनांक 30 जनवरी 23 से 1 फरवरी 23 तक शैक्षणिक कार्य अवधि के पश्चात मौन धरना किया जा चुका है,जिसे संगठन ने पत्र के माध्यम से आपको सूचित कर दिया है ।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ द्वारा भी वेतन के सम्बंध में समय समय पर पत्र द्वारा महाविद्यालय प्रशासन को वेतन देयक प्रस्तुत करने के निर्देश प्रदान किये गए है, किन्तु प्रबंध तन्त्र द्वारा मनमाने तरीके से वेतन देयक प्रस्तुत किये गए है, आप के कार्यालय के पत्रांक क्षे0का0ल0/5377-79/2022-23 दिनांक 02 फरवरी 23 द्वारा तत्काल कार्मिको के हित के दृष्टिगत 4 फरवरी 23 तक अनिवार्य रूप से दोनों माह का वेतन देयक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, एवं कार्मिक हित मे विलम्ब होने पर एकल संचालन व्यवस्था प्रभावी किये जाने के तथ्य से भी अवगत कराया जा चुका है ।किन्तु महाविद्यालय प्रबंध तन्त्र द्वारा मनमाने तरीके से अभी भी माह दिसम्बर 22 एवं जनवरी 23 के वेतन देयक सभी कार्मिको का प्रस्तुत नही किया गया है ।
क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, लखनऊ अवगत हो कि महाविद्यालय के सभी कार्मिको द्वारा निदेशक उच्च शिक्षा के आदेश दिनांक 11 फरवरी 88 के अंतर्गत उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर किए है,कार्मिको की उपस्थिति की आख्या महाविद्यालय की प्राचार्य से ली जा सकती है, वेतन देयक अपूर्ण होने के कारण प्राचार्या द्वारा वेतन बिल एवं पत्र द्वारा भी आपको आपत्ति जतायी गयी है ।
उत्पीड़न किया जा रहा,प्राचार्या की परिवीक्षा अवधि बढ़ा दी
महाविद्यालय की शिक्षिकाओ का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है, तथा उनके प्रोन्नति सहित देय अवकाश एवं भौतिक संसाधनों की कमी को दूर नही किया जा रहा है । साथ ही साथ यह भी अवगत कराना है कि प्रबन्ध तन्त्र द्वारा मनमाने तरीके से महाविद्यालय की प्राचार्या की परिवीक्षा अवधि बढ़ाई गयी तथा वेतन वृद्धि भी रोकी गयी है एवं मनमाने तरीके से 4 दिनों के आकस्मिक अवकाश को स्वीकृति न करते हुए वेतन कटौती के निर्देश जारी किए गए थे, जिसे लुआक्टा के विरोध के बाद आकस्मिक अवकाश का वेतन प्रदान किया गया निदेशक उच्च शिक्षा के स्पष्ट आदेशो के बाबजूद वेतन वृद्धि नही प्रदान की जा रही है ।
आंदोलन के प्रथम चरण में दिनांक 10 फरवरी 23 को क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना
16 फरवरी 23 से लखनऊ विश्वविद्यालय की परीक्षाओं का संचालन किया जाना है । महाविद्यालय प्रबन्धतन्त्र की हठधर्मिता के कारण आंदोलन का निर्णय लिया जा रहा है,आंदोलन के प्रथम चरण में दिनांक 10 फरवरी 23 को क्षेत्रीय कार्यालय पर धरना दिया जायेगा एवं इसके पश्चात भी समस्या का समाधान नही हुआ तो दिनांक 11 फरवरी 23 को आंदोलन की अग्रिम रणनीति पर विचार किया जायेगा, जिसमे आमरण अनशन सहित कक्षाओं एवं आगामी परीक्षाओ का बहिष्कार करने का निर्णय लिया जा सकता है । लुआक्टा के आंदोलन से यदि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या परीक्षाओ के संचालन मे कोई बाधा उत्पन्न होती है तो उसका समस्त उत्तरदायित्व प्रशासन का होगा । इसलिए माह दिसम्बर 22 एवं जनवरी 23 के वेतन दिये जाने हेतु एकल संचालन व्यवस्था लागू करने एवं प्रबंध तन्त्र के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने के लिए शासन को संस्तुति सहित अग्रेतर कार्यवाही करें।
