
- कला एवं शिल्प महाविद्यालय के तत्काल सुधार हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू. 511.67 लाख की स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्तावित किया, जिनके सहयोग से महाविद्यालय के प्रथम किस्त के रूप में रू. 255.83 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी है, जिसके लिए महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र तथा कर्मचारियों में नई आशा का संचार हुआ है।
लखनऊ , 03 अप्रैल ,campussamachar.com, उत्तर प्रदेश सरकार ने कला एवं शिल्प महाविद्यालय, ललित कला संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ ( College of Arts and Crafts Lucknow University) को भवनों के रख-रखाव, इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि के मद में 511.00 लाख से अधिक की घनशि स्वीकृत किया है। इसकी प्रथम किस्त के रूप में रू. 255.83 लाख अवमुक्त किये जाने हेतु स्वीकृति प्रदान कर दी है।
विशेष सचिव, गिरिजेश कुमार त्यागी, उ०प्र० शासन द्वारा निर्गत शासनादेश संख्याः 19/2025/293/सत्तर-4-2025-001-70-4099/3/2025, दिनांकः 17 मार्च, 2025 के अनुसार स्थानीय कला एवं शिल्प महाविद्यालय के पुनरूद्धार तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि के मद में किये गये आंकलन पर विचारोपरान्त रू. 511.67 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति वर्ष 2024-25 के आय-व्यय में अनुदान संख्या 73 लेखाशीर्षक 4202 स्वीकृत की गयी है। शासन द्वारा इस कार्य हेतु प्रवन्ध निदेशक, उ०प्र० प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड, लखनऊ को कार्य सम्पादन हेतु नामित किया गया है।
lucknow arts college : ज्ञात है कि वर्ष 1892 में विंगफील्ड मंजिल बनारसी बाग में इस कॉलेज ( College of Arts and Crafts Lucknow University) की शुरूआत हुई। विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए वर्ष 1911 से कला एवं शिल्प महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) टैगोर मार्ग पर स्थित वर्तमान भवन में चल रहा है। किसी समय में महाविद्यालय का परिसर गोमती तटबन्ध से लेकर आर्किटेक्चर कॉलेज को समाहित करता हुआ एक विशाल परिसर था। कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लखनऊ 1974 से लखनऊ विश्वविद्यान्नय के एक घटक महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) के रूप में संचालित हो रहा है। वर्ष 1974 में ही इसका एक विभाग फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर के रूप में इससे अलग हो गया तथा वर्तमान में ए.के.टी.यू. से सम्बद्ध है।
उक्त प्रकरण में समय-समय पर कला एवं शिल्प महाविद्यालय प्रशासन और महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) से जुड़े कलाकारों द्वारा उ०प्र० सरकार से मांग की जाती रही है। वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री, उ०प्र० सरकार सुश्री मायावती ने महाविद्यालय पुनरूद्धार के लिए रू. छः करोड़ का बजट स्वीकृत किया था, परन्तु किन्हीं कारणों से उसका पूर्ण उपयोग नहीं हो सका। वर्ष 2021 में भी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा उ०प्र० शासन का ध्यान महाविद्यालय की ओर आकृष्ट किया गया था। प्रधानाचार्य डॉ० रतन कुमार जी पुनः विगत दो वर्षों से लगातार इस बारे में पत्रों के माध्यम से आग्रह करते रहे तथा महाविद्यालय के पुरातन महत्व तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में इसके योगदान को देखते हुए प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल जी का सहयोग मिला।
कला एवं शिल्प महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) की परिस्थितियों को समझते हुए प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल ने कला एवं शिल्प महाविद्यालय के तत्काल सुधार हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में रू. 511.67 लाख की स्वीकृति हेतु शासन को प्रस्तावित किया, जिनके सहयोग से महाविद्यालय के प्रथम किस्त के रूप में रू. 255.83 लाख की धनराशि अवमुक्त की गयी है, जिसके लिए महाविद्यालय के शिक्षक, छात्र तथा कर्मचारियों में नई आशा का संचार हुआ है।
कला एवं शिल्प महाविद्यालय, ललित कला संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) के अन्तर्गत चार डिग्री कोर्सेज फाइन आर्ट, एप्लाइड आर्ट, टेक्सटाइल डिजाइन तथा मूर्तिकला विभाग संचालित किये जाते हैं। साथ ही विभिन्न विषयों में एम.एफ.ए. एवं पी.एच.डी. की उपाधि प्रदान की जाती है।
कला एवं शिल्प महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) के प्रधानाचार्य डॉ० रतन कुमार ने बताया कि वैश्विक कला जगत में महाविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) की एक विशिष्ट पहचान है। वर्तमान में भारत के विभिन्न भागों से छात्र यहाँ कला की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आते हैं। वर्तमान में श्रीलंका, बांग्लादेश तथा ईराक के छात्र यहाँ अध्ययन कर रहे हैं।
आलोक कुमार ने बताया कि महाविद्यालय में विभिन्न शीर्ष कलाकारों की चित्रकृतियां, भित्त चित्र तथा मूर्तिशिल्प यहाँ की दीवारों और भवनों पर शोभित है जिससे इसका 113 वर्षों का जीवन्त इतिहास देखा जा सकता है। वास्तव में यह परिसर एक आर्ट गैलरी के समान है जहाँ पर एल.एम. सेन, असित कुमार हल्दार, मदन लाल नागर, अवतार सिंह पंवार, श्रीधर महापात्र, दिनेश प्रताप सिंह, असद अली, गोपाल दत्त शर्मा, शरद पाण्डेय,नवल किशोर रस्तोगी,अनिल टाटो आदि कलाकारों की कलाकृतियाँ देखी जा सकती हैं।
कला एवं शिल्प महाविद्यालय, ललित कला संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय ( College of Arts and Crafts Lucknow University) के पूर्व छात्र तथा शिक्षकों ने देश-विदेश में अनेक सम्मान प्राप्त किया है। आज लगभग 25 देशों में यहाँ के छात्र उपस्थित हैं। यहाँ के शिक्षक एवं पूर्व छात्रों को छः पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, जिनमें सुधीर रंजन खास्तगीर, सुकमार बोस, रणवीर सिंह बिष्ट, यशोधर मठपाल तथा श्याम सुन्दर शर्मा आदि प्रमुख हैं।
वर्तमान में समकालीन कलाकारों में गोगी सरोजपाल, प्रो० जयकृष्ण अग्रवाल, सुरेन्द्र पाल जोशी, मुकुल पंवार, रागिनी उपाध्याय ‘गैरेला’, फणीन्द्र नाथ चतुर्वेदी, नूपुर कुन्डू, मैनाज बानो, भूपेंद्र अस्थाना,शत्रुघन गुप्ता,शीतांशु जी मौर्य,संजय राज आदि बड़ी संख्या में पूर्व छात्रों ने महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं .
