- अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सेन सारथी के विजन को धरातल पर उतारने की पहल, जनपद के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण का अवसर
- बोर्ड परीक्षा में लखनऊ जनपद के राजकीय विद्यालयों का परिणाम बेहतर बनाने के लिए प्रधानाचार्यों ने लिया सामूहिक संकल्प
लखनऊ | प्रदेश की प्राचीनतम एवं प्रतिष्ठित शैक्षिक धरोहर राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज लखनऊ में आज आयोजित संविधान संवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जनपद के राजकीय एवं सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने विद्यालय परिसर में स्थापित देश के पहले ड्रीम लैब का अवलोकन किया। राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुए इस अवलोकन के दौरान प्रधानाचार्यों ने लैब में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों, नवाचार आधारित उपकरणों तथा विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं वैज्ञानिक अभिरुचि विकसित करने वाली सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ड्रीम लैब में उपलब्ध आधुनिक तकनीक, प्रयोगात्मक गतिविधियों एवं नवाचार से जुड़े संसाधनों ने सभी प्रधानाचार्यों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रधानाचार्यों ने इस पहल को परंपरागत शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता एवं व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा के विजन को जनपद के सभी विद्यालयों तक पहुंचाने की पहल
इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने सभी प्रधानाचार्यों के साथ अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश शासन पार्थ सेन सारथी के शैक्षिक विजन एवं निर्देशों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अपर मुख्य सचिव की स्पष्ट मंशा है कि आधुनिक तकनीक एवं नवाचार आधारित शैक्षिक संसाधनों का लाभ केवल एक विद्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि जनपद के अन्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज में स्थापित ड्रीम लैब को जनपद के विद्यार्थियों के लिए एक साझा शैक्षिक संसाधन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जनपद के विभिन्न राजकीय विद्यालयों के बालक एवं बालिकाओं को उनकी रुचि, योग्यता एवं आवश्यकता के अनुसार इस लैब में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत प्रतिभाशाली एवं नवाचार के प्रति उत्सुक विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित होने तथा अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक संसाधनों के अभाव में किसी भी विद्यार्थी की प्रतिभा और तकनीकी सीखने की इच्छा बाधित नहीं होनी चाहिए। ड्रीम लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, प्रयोगात्मक ज्ञान एवं नवाचार आधारित गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
कक्षा 9 से 11 तक के विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध कराने का सामूहिक निर्णय
प्रधानाचार्य श्रीवास्तव ने जनपद के सभी राजकीय प्रधानाचार्यों से अनुरोध किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में कक्षा 9 से 11 तक अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थियों को चिह्नित करें, जिनकी विज्ञान, तकनीक, नवाचार एवं रचनात्मक गतिविधियों में विशेष रुचि है। ऐसे विद्यार्थियों की सूची तैयार कर राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज लखनऊ में उपलब्ध कराई जाए, ताकि ड्रीम लैब के विधिवत उद्घाटन के पश्चात प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार की जा सके।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जनपद के प्रत्येक राजकीय विद्यालय की प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी कल्पनाशीलता को प्रयोगों में बदल सकें और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कुछ नया सीखने एवं करने के लिए प्रेरित हों। प्रधानाचार्यों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अपने-अपने विद्यालयों से योग्य एवं इच्छुक विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों को इस अवसर से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की।
बोर्ड परीक्षा में लखनऊ जनपद के राजकीय विद्यालयों का परिणाम बेहतर बनाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शैक्षिक गुणवत्ता एवं आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानाचार्य श्री सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने जनपद के समस्त प्रधानाचार्यों का आह्वान किया कि वे आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए अभी से सुनियोजित रणनीति बनाकर कार्य करें, ताकि इस वर्ष लखनऊ जनपद के राजकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर हो तथा प्रदेश स्तर पर जनपद की एक विशिष्ट पहचान स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम के लिए बचे हुए समय में नियमित शिक्षण, विद्यार्थियों की प्रगति के सतत मूल्यांकन, कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं, विषयवार रणनीति तथा शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों से संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रधानाचार्यों से अपेक्षा की कि वे अपने विद्यालयों में विषयवार समीक्षा करें, विद्यार्थियों की शैक्षिक कमजोरियों को समय रहते पहचानें, नियमित पुनरावृत्ति एवं अभ्यास परीक्षाओं की व्यवस्था करें तथा हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के विद्यार्थियों को विशेष मार्गदर्शन प्रदान करें। इस विषय पर उपस्थित प्रधानाचार्यों ने भी अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। सभी ने अपने-अपने विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की नियमित समीक्षा करने पर सहमति व्यक्त की।

सामूहिक प्रयासों से बनेगा शैक्षिक उत्कृष्टता का नया उदाहरण
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रधानाचार्यों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि जनपद के राजकीय विद्यालयों के मध्य आपसी समन्वय, संसाधनों की साझेदारी एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। ड्रीम लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं का लाभ अधिकाधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना तथा बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम प्राप्त करना जनपद की साझा प्राथमिकता होगी।
राजकीय जुबिली इण्टर कॉलेज में स्थापित ड्रीम लैब को जनपद के अन्य राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध कराने की पहल सरकारी विद्यालयों में आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल विद्यार्थियों की तकनीकी समझ विकसित होगी, बल्कि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास, सृजनात्मकता एवं भविष्य के रोजगारपरक कौशलों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
इस प्रकार संविधान संवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण एवं संवाद तक सीमित न रहकर जनपद के विद्यालयों के बीच शैक्षिक सहयोग, तकनीकी संसाधनों की साझेदारी और बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एक साझा कार्ययोजना तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना।
