- पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को अकादमिक अवसरों, सामाजिक योजनाओं, कौशल विकास एवं मीडिया करियर की दी गई जानकारी
- नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के तत्वावधान में एनईपी-2020 के अनुरूप संचालित बी.ए. इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन तथा एम.ए. इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार को इंडक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के यूटीडी बी विंग स्थित कक्ष क्रमांक बी-73 में प्रातः 11 बजे से आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभाग, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालयीय वातावरण, अनुशासन तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार के क्षेत्र में उपलब्ध अध्ययन एवं रोजगार के अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. धीरज शुक्ला ने की। उन्होंने प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए पत्रकारिता एवं जनसंचार के बदलते स्वरूप तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज मीडिया का दायरा केवल प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यू मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, पब्लिक रिलेशन, विज्ञापन, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, कंटेंट राइटिंग, डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन ,सिनेमा और अन्य अनेक क्षेत्रों तक इसका विस्तार हो चुका है।
डॉ. शुक्ला ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की विभिन्न विषयवस्तुओं की जानकारी देते हुए कहा कि कक्षा में मिलने वाली सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को लेखन, रिपोर्टिंग, संपादन, कैमरा, वीडियो प्रोडक्शन, डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया तथा अन्य आवश्यक मीडिया कौशल पर लगातार काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एवं जनसंचार ऐसा क्षेत्र है, जिसमें सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है। ऐसे में विद्यार्थियों को नई तकनीकों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलती मीडिया जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। डॉ. शुक्ला ने विश्वविद्यालय की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि माननीय कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल जी के मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न छात्र एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी योजनाएं एवं पहलें विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ सामाजिक संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व से जोड़ती हैं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रावास की मुख्य वार्डन एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर प्रतिभा मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करने तथा अपने अध्ययन और लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। प्रो. मिश्रा ने विश्वविद्यालय की सामाजिक सरोकारों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि माननीय कुलपति जी के मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न पहलें विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए सामाजिक संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व से जोड़ती हैं। उन्होंने जीजीवी मुस्कान , स्वाभिमान थाली, जीजीवी श्रवण लाइन, सुदामा योजना और रक्त संबंध सहित विभिन्न योजनाओं व पहल का उल्लेख करते हुए छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर प्रयास को विद्यार्थी जीवन की सफलता का आधार बताया।
विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी प्रेमनाथ कमलेश ने विद्यार्थियों को प्लेसमेंट से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में आवश्यक व्यावसायिक और तकनीकी कौशल का होना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कौशल विकास, व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल तथा रोजगारपरक प्रशिक्षण पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्लेसमेंट की प्रक्रिया और रोजगार के लिए स्वयं को तैयार करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में पूर्व डीन तथा सूचना एवं पुस्तकालय विज्ञान के विभागाध्यक्ष व प्रोफेसर बृजेश तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन उद्देश्यों और लक्ष्यों को लेकर विद्यार्थी विश्वविद्यालय में आए हैं, उनकी पूर्ति के लिए उन्हें पूरे समर्पण और मेहनत के साथ अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों और सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
आईटी विभाग के डाॅ. रामगोपाल कश्यप ने विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने को सभी की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के नियमों और व्यवस्थाओं से अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की इंटरनल कमेटी फॉर कंप्लेंट्स (आईसीसी) छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण के लिए कार्य कर रही है। किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर विद्यार्थी विभागाध्यक्ष के माध्यम से आईसीसी तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षकों सहायक प्रोफेसर डॉ. विकास राजपोपट, डॉ. एस.के. मिश्रा और डॉ. अरुण प्रताप ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार के अध्ययन, मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, लेखन और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम, शिक्षण व्यवस्था तथा विभाग में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कक्षा में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ विभाग की अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. अनूपमा कुमारी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इंडक्शन प्रोग्राम के माध्यम से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय और विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ-साथ पत्रकारिता एवं जनसंचार के व्यापक करियर क्षेत्र की जानकारी दी गई।
