लखनऊ, 02 अप्रेल , उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ आरपी मिश्र का आज ( 02 अप्रेल ) _जन्मदिवस है. सुबह से ही उन्हें विभिन्न शिक्षक संगठनों , शिक्षक नेताओं , विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक- शिक्षिकाएं प्नधानाचार्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा शुभकामनाएं और बधाई संदेश प्रेषित किए जा रहे हैं .
( सभी चित्र फ़ाइल फोटो )

डॉ आर पी मिश्र वर्तमान में माध्यमिक शिक्षक संघ लखनऊ जनपद के संरक्षक और प्रांतीय उपाध्यक्ष हैं . भारत स्काउट गाइड समेत कई संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में कार्यरत है. डॉ आर पी मिश्रा लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं . माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय ओम प्रकाश शर्मा जी के विश्वासपात्र पदाधिकारी के रूप में कार्य किया है और वे डाक्टर मिश्र पर बहुत ही भरोसा करते थे .आन्दोलनों पर ख़ास चर्चा करते थे . इतना ही नहीं डॉ आर पी मिश्र लखनऊ से शिक्षक विधायक रहे भगवान भगवान बख्स सिंह के साथ शिक्षक आंदोलन में हिस्सा लेना शुरू किया और धीरे-धीरे शिक्षक राजनीति में एक बड़ा नाम बने . यह डाक्टर मिश्र के त्याग और संघर्ष का ही परिणाम है .

शिक्षकों की समस्याओं से जुड़े मुद्दे पर उनका सीधा-सीधा एक ही विचार है कि वह शिक्षक हितों से कभी समझौता नहीं करते हैं. इसके लिए भले ही उन्हें किसी भी स्तर पर जाकर संघर्ष करना पड़े . पिछले चार दशकों से अधिक समय में उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में हुए शिक्षक आंदोलन की चर्चा करना थोड़ा अधिक हो जाएगा, लेकिन हाल के सालों के शहर के सबसे मशहूर शिक्षक आंदोलन की चर्चा करें तो उसमें लखनऊ क्रिश्चियन इंटर कॉलेज से जुड़ी प्रबंधन समितियां में नाजायज कब्जा कर कई हजार करोड रुपए की शिक्षण संस्थान हड़पने की साजिश का भंडाफोड़ और उसे पुनः वास्तविक शिक्षण संस्थान को सौंपने की मुहिम का नेतृत्व डॉक्टर आरपी मिश्र ने ही किया और उन्होंने लक्ष्य प्राप्त कर लिया . शिक्षक आज भी याद करते हैं .

इस पूरे प्रकरण में दोषी अधिकारों के खिलाफ न केवल दंडात्मक कार्यवाही हुई बल्कि साजिश रचने वालों के खिलाफ भी पुलिस कार्यवाही हुई . इस पूरे मामले में शिक्षा माफिया के खिलाफ उन्होंने सड़क पर उतरकर आंदोलन को व्यवस्थित और सफल आंदोलन की शक्ल में लखनऊ के शिक्षा इतिहास में नया नाम लिखा है, अन्यथा आज वे सारे शिक्षण संस्थान यह ऐसे तत्वों के पास हो जाते जहां शिक्षकों का सम्मान, शिक्षार्थियों की शिक्षा और विद्यालयों की संपत्ति सब कुछ गलत हाथों में चले जाते .

अधिकारी एक एक पत्र का जवाब देते हैं
यह डॉक्टर आरपी मिश्र के कुशल नेतृत्व का ही कमाल है कि उनके द्वारा लिखे गए एक-एक पत्र का जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारी देते हैं. राजधानी लखनऊ के शिक्षक जिला विद्यालय निरीक्षक, मंडलीय उप शिक्षा निदेशक और संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यालय को भेजे जाने वाले पत्रों के जवाब डॉक्टर आरपी मिश्र को समय मिलते हैं. एक-एक विद्यालय के शिक्षक- शिक्षकों के वेतन, प्रमोशन, वेतनमान, समयमान वेतनमान सहित अनगिनत मुद्दों पर डॉक्टर आरपी मिश्र जब भी चिट्ठी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखते हैं तो शिक्षा विभाग के अधिकारी बिना किसी ना नुकुर के उनके पत्रों का संबंधित शिक्षक के पत्रावलियों की स्थिति का पूरा विवरण उपलब्ध कराते हैं.

इसकी वजह यह है कि शिक्षक विभाग के अधिकारियों को अच्छी प्रकार से मालूम है कि अगर वे शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर जरा भी आनाकानी या लापरवाही दिखाते हैं तो फिर शिक्षा भवन में डॉक्टर आर पी मिश्र की उपस्थिति मात्र से ही आंदोलन शुरू हो सकता है . इसलिए शिक्षकों से जुड़े मुद्दों का निस्तारण तेजी से होता रहता है और लंबित मामलों में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी होने की कोशिश होती है.

इस वर्ष लखनऊ में शिक्षकों के अवशेषों का सबसे अधिक भुगतान डॉक्टर मिश्र के ही मार्गदर्शन में हुआ है. संगठन के पदाधिकारियों की टीम उनके मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग में लंबित सारे मामलों को तेजी से निस्तारण करने में सक्षम रही है. यही कारण है कि लखनऊ के शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा डॉक्टर मिश्र उपलब्ध रहते हैं . आज जन्मदिवस पर बधाई औरशुभकामनाएं… स्वस्थ और दीर्घायु रहें

