

- विद्या भारती के मार्गदर्शन में ग्राम भारती सरस्वती शिक्षा विकास समिति का आयोजन
बिर्रा, जांजगीर-चांपा, 05 जून, 2025, campussamachar.com, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में ग्राम भारती सरस्वती शिक्षा विकास समिति, जिला जांजगीर-चांपा द्वारा अप्रशिक्षित नवीन आचार्य एवं दीदियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ 5 जून 2025 को प्रातः 9 बजे सरस्वती शिशु मंदिर, बिर्रा में हुआ। उद्घाटन सत्र में जिलेभर से चयनित 22 विद्यालयों के 6 आचार्य और 44 दीदियाँ प्रशिक्षण हेतु उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण श्री देवप्रसाद तिवारी (जिला सचिव, ग्राम भारती) द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग के उद्देश्य, महत्ता और सरस्वती शिक्षा पद्धति की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण संस्कारयुक्त शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक ठोस पहल है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री घनश्याम तिवारी (सहायक नोडल अधिकारी, जिला सहकारी बैंक) ने कहा, “आज का यह आयोजन केवल एक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि गुरु निर्माण की प्रक्रिया है। यह मंच हमें स्मरण कराता है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह चरित्र निर्माण, जीवन निर्माण और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है।” उन्होंने कहा कि आचार्यों का यह प्रशिक्षण भावी पीढ़ियों को दिशा देने वाला होगा।
जिले में ग्राम भारती द्वारा संचालित कुल 59 विद्यालयों में वर्तमान में 6038 भैया छात्र और 5887 बहन छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनकी शिक्षा और संस्कार की दिशा में यह प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण कदम है। बिर्रा में हो रहे इस आयोजन में विद्या भारती की भारतीय शिक्षण पद्धति को आधार बनाकर नवाचार्यों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने आगे कहा कि “70 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिरों के आचार्य जब एक मंच पर आते हैं, तो यह केवल संख्यात्मक संगम नहीं, बल्कि संस्कारों और सांस्कृतिक चेतना की ऊर्जा का संचार होता है। ये आचार्य भविष्य के भारत की नींव गढ़ते हैं, और यह प्रशिक्षण उन्हें एक समर्पित मार्गदर्शक के रूप में स्थापित करेगा।”
विशिष्ट अतिथियों में श्री मनोज तिवारी (सेवानिवृत्त उच्च शिक्षक), डॉ शुभम शुक्ला (MBBS, MD), श्रवण कुमार कश्यप (सरपंच), शिव जायसवाल, देवभूषण सिंह, श्री रामप्रकाश केशरवानी, श्री ललित देवांगन, बुद्धेश्वर कश्यप शामिल रहे।
प्रशिक्षण संचालन में मुख्य भूमिका निभा रहे प्रमुख शिक्षकों में श्री हीराराम सूर्यवंशी (प्राचार्य, कोसमंदा), मनीष सिंह (प्राचार्य, भैंसदा), श्री राकेश कुम्भज (बौद्धिक प्रमुख, प्राचार्य कुकदा), राम कुमार गढ़वाल (प्राचार्य, पाली), अनिल प्रकाश बघेल (मंच व्यवस्था, प्राचार्य पंतोरा), एवं श्रीमति बसंती साहू (शारीरिक शिक्षक, चिकित्सा, प्राचार्य तेंदूभाठा) प्रमुख रहे। मंच संचालन नवल किशोर तिवारी ने किया।
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धन्यवाद ज्ञापन नवल किशोर तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों, आयोजन समिति और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रशिक्षण वर्ग केवल शिक्षण नहीं, बल्कि भारतीयता और सेवा भाव को जीवन में उतारने की प्रेरणा देगा।
यह प्रशिक्षण वर्ग आगामी 10 दिनों तक भारतीय शिक्षा पद्धति, व्यवहारिक शिक्षण, नैतिक शिक्षा, योग, समूह चर्चा एवं नेतृत्व कौशल पर केंद्रित रहेगा। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा।
