- साढ़े पांच दशक की फोटोग्राफिक साधना को मिली वैश्विक मान्यता
लखनऊ . लखनऊ के वरिष्ठ छायाचित्रकार, Federation of Indian Photography के पूर्व अध्यक्ष तथा Lucknow Camera Club के अध्यक्ष अनिल रिसाल सिंह को अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन उल्लेखनीय योगदान, कलात्मक उपलब्धियों और निरंतर सक्रियता के लिए प्रतिष्ठित Associate of Photographic Society of America (APSA) सम्मान प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। यह सम्मान विश्व के प्रमुख फोटोग्राफी संगठनों में शामिल Photographic Society of America (PSA) की ऑनर्स कमेटी द्वारा घोषित किया गया है।
सम्मान की घोषणा PSA Journal के अगस्त 2026 अंक में की गई है। अनिल रिसाल सिंह ( Anil Risal Singh – Master of Forms and Shapes Photography ) को यह प्रतिष्ठित सम्मान औपचारिक रूप से सितंबर 2026 में अमेरिका के लास वेगास में आयोजित PSA Photo Festival के दौरान प्रदान किया जाएगा। यह उपलब्धि उनकी साढ़े पांच दशक से अधिक लंबी फोटोग्राफिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अध्याय जोड़ती है।
अनिल रिसाल सिंह ( Anil Risal Singh – Master of Forms and Shapes Photography ) ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी जगत में अपनी विशिष्ट पहचान एक ऐसे छायाचित्रकार के रूप में बनाई है, जिनकी दृष्टि में फोटोग्राफी केवल किसी दृश्य को कैमरे में दर्ज करने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकाश, छाया, रंग, स्थापत्य, प्रकृति, समय और सांस्कृतिक स्मृति को कलात्मक अभिव्यक्ति में बदलने की प्रक्रिया है। उनकी रचनात्मक यात्रा निरंतर सृजन, प्रयोग, शोध, शिक्षण, प्रदर्शनियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से समृद्ध रही है।
उनकी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई, जब The Royal Photographic Society of Great Britain ने उन्हें प्रतिष्ठित Associate of the Royal Photographic Society (ARPS) प्रदान किया। इसके बाद वर्ष 2009 में Fédération Internationale de l’Art Photographique (FIAP), France द्वारा उन्हें Master of Fédération Internationale de l’Art Photographique (MFIAP) से सम्मानित किया गया। वहीं वर्ष 2011 में भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया National Award of Photography उनकी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
उनकी लंबी उपलब्धि-यात्रा में Nikon-BP Photographer of the Year Award 2005, Sony World Photography Award 2007, Venice International Photography Award 2008, UNESCO Award 2009, SAARC Award 2014 और AIFACS Award 2018 सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं। उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के All India Art Photography Award से उन्हें वर्ष 2003, 2005, 2013 और 2023 में चार बार सम्मानित किया गया।
फोटोग्राफी के क्षेत्र में उनका योगदान केवल व्यक्तिगत कला-सृजन तक सीमित नहीं रहा। वे वर्ष 2013 से 2016 तक Federation of Indian Photography के अध्यक्ष रहे और देश में फोटोग्राफी के संस्थागत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2015 में National Photography Awards तथा Lifetime Achievement Award के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का योगदान दिया। अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी प्रतियोगिताओं में वे निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं। इसके साथ ही वे लंबे समय से Lucknow Camera Club के अध्यक्ष के रूप में लखनऊ में फोटोग्राफी की गतिविधियों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं।
उनके योगदान का एक महत्वपूर्ण आयाम सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और दृश्य अभिलेखीकरण भी रहा है। उन्होंने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन National Research Laboratory for Conservation of Cultural Property, Lucknow में Photo Division के प्रमुख के रूप में कार्य किया और इसी पद से सेवानिवृत्त हुए। इस भूमिका में उन्होंने फोटोग्राफी को केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा की दृश्य स्मृति को सुरक्षित रखने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ाया। वर्ष 1999 में Charles Wallace Professional Grant प्राप्त कर ब्रिटेन के विभिन्न संग्रहालयों में संरक्षित फोटोग्राफिक संग्रहों के अध्ययन का अवसर भी उनके पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
Campus Samachar : जानिये लखनऊ के वरिष्ठ छाया चित्रकार अनिल रिसाल सिंह को, जिन्हें मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान APSAशिक्षण और फोटोग्राफी की अगली पीढ़ी को तैयार करने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने 35 वर्षों से अधिक समय तक फोटोग्राफी का शिक्षण किया तथा विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों में Guest Lecturer, Examiner और Paper Setter के रूप में कार्य किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कैमरे की तकनीक के साथ-साथ दृश्य को संवेदनशीलता और कलात्मक दृष्टि से देखने के लिए प्रेरित किया। फोटोग्राफी से संबंधित उनके शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रस्तुत एवं प्रकाशित हुए और उनके लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे। वर्ष 2011 से 2016 तक “Viewfinder” के संपादक के रूप में भी उन्होंने भारतीय फोटोग्राफी के विमर्श को महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
प्रदर्शनी गतिविधियों में भी उनकी व्यापक उपस्थिति रही है। भारत के विभिन्न शहरों में लगभग 20 एकल प्रदर्शनियों, अमेरिका के Atlanta में दो एकल प्रदर्शनियों तथा फ्रांस के Cannes में Place de Festival की समूह प्रदर्शनी के माध्यम से उनकी कला अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंची है। MFIAP, ARPS सहित अनेक प्रतिष्ठित distinctions और लगभग 30 Honorary Fellowships उनके दीर्घ, बहुआयामी और विशिष्ट फोटोग्राफिक योगदान के प्रमाण हैं।
APSA सम्मान उनकी दशकों लंबी फोटोग्राफिक साधना और अंतरराष्ट्रीय सक्रियता की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान न केवल अनिल रिसाल सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि लखनऊ और भारतीय फोटोग्राफी जगत के लिए भी गौरव का क्षण है। 1967 में एक छोटे से कैमरे से शुरू हुई उनकी यात्रा आज अंतरराष्ट्रीय फोटोग्राफी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंच चुकी है।
अनिल रिसाल सिंह की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि निरंतर सृजन, अध्ययन, प्रयोग और साधना किसी कलाकार की यात्रा को समय की सीमाओं से आगे ले जा सकती है। उनकी दृष्टि और अनुभव आने वाली पीढ़ी के छायाचित्रकारों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। यह सम्मान उनकी सृजनात्मक यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाए और भारतीय फोटोग्राफी को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान करे।
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