कानपुर. डी.ए-वी. कालेज, कानपुर ( DAV College Kanpur ) में संस्कृत विभाग द्वारा सञ्चालित “दशदिवसीय संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला” के षष्ठदिवस पर पलक औदीच्य, प्रशिक्षिका (केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली) द्वारा कार्यशाला में सर्वप्रथम परस्परपरिचय, पुल्लिंग, स्त्रीलिंग और नपुंसकलिंग में भेद, वस्तुओं के बीच सम्बन्ध का परिचय, अकारान्त, आकारान्त और नपुंसक लिंग में वस्तुओं का परिचय, अत्र, तत्र, कुत्र, अन्यत्र, सर्वत्र, एकत्र इन सभी से सम्बन्धित वाक्य बनाना षष्ठी विभक्ति का पूरा प्रारूप, दूर और समीप में भेद का पुनर्भ्यास कराया गया। जिससे कार्यशाला में अभी तक की विषयवस्तु का सभी को स्मरण हो सके।
तत्पश्चात् षष्ठी विभक्ति और मम, भवत:, भवत्या: आदि का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षिका पलक औदीच्य ने निर्धारित विषय को पी.पी.टी. के माध्यम से अत्यन्त रुचिकर बनाकर प्रस्तुत किया। ध्यातव्य है कि विगत 5 दिनों से यह संस्कृत सम्भाषण कार्यशाला, डी.ए-वी.कालेज,कानपुर के संस्कृतविभाग द्वारा आनलाइन मोड पर आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के छठे दिवस कई लोगों की उपस्थिति रही- प्राञ्जल, आस्था, गीता आर्या, आद्रिका मिश्रा, पूर्णिमा तिवारी, शौर्य, एकता श्रीवास्तव, फूलमती, अनुराधा शर्मा, सृष्टि सक्सेना, कौमुदी यादव, प्रशस्ति, कंचन गुप्ता, उत्कर्ष त्रिवेदी, प्रवेश कुमार, प्रदीप जैसवार, डा.चन्द्र मुखी, अंशिका, करिश्मा, ऋद्धा, रोशनी, प्रेरणा, दिव्यांशी, सीमा कुशवाहा, आंचल कुशवाहा, शिवानी शर्मा, डा.ममता पाण्डेय, दीपक मिश्रा, दीपक त्रिवेदी, सतेन्द्र कुमार, शुचि गुप्ता, उन्नति गुप्ता, सोनल त्रिपाठी, सौम्या, कोमल साहू, बरेली से प्रतिभा, प्रिया एवं पारुल गंगवार, आकांक्षा, कुसुम शर्मा, प्रीति गुप्ता, पीलीभीत से रुचि, जितेन्द्र, शिखा, लक्ष्मी, गुणवती एवं रोशनी मौर्य, करण तिवारी, उज्जैन से लोकेश, पूजा, हरियाणा से सुखविन्दर एवं वेदशर्मा, छत्तीसगढ़ से आंचल सक्सेना, फतेहपुर से दीपाली मिश्रा, उन्नाव से सुरभि यादव आदि प्रशिक्षुओं ने अत्यन्त रुचि के साथ सम्भाषण में प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.विनोद कुमार पाण्डेय और महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.मनोज जौहरी का मार्गदर्शन व उचित निर्देश प्राप्त हुआ। डा.मिथलेश गंगवार, डा.अमित द्विवेदी, डा.सन्नोदेवी, प्रो.प्रीति वाघवानी, प्रो.एस.एस.कालरा, प्रो.पंकज टण्डन, प्रो. रोमल सक्सेना, डा.सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. लोकेश सक्सेना, प्रो. जे.पी.श्रीवास्तव, सागर चौधुरी आदि शिक्षकगण द्वारा समय समय पर कार्यशाला में उपस्थित होकर उत्साहवर्धन किया गया। सञ्चालन कार्यशाला संयोजक डा.सवितुर प्रकाश गंगवार ने किया।
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