नई दिल्ली. संस्कृत भाषा के विद्वान प्रोफ़ेसर विजय कुमार कर्ण (Prof Dr Vijay Kumar Karn ) द्वारा लिखित संस्कृत रत्नम ( Sanskrit Ratnam ) के नए संस्करण को सरल और वैज्ञानिक शैली में NCERT के नवीनतम पाठ्यक्रम , NEP- 2020 तथा NCF- 2023 के अनुरूप चार भागों में लिखा गया है , इसमें कक्षा 5, कक्षा 6 , कक्षा 7 और कक्षा 8 के संस्कृत विषय के विद्यार्थियों के लिए संस्कृत के वैज्ञानिक महत्व एवं बढ़ते प्रचार प्रसार को ध्यान में रखते हुए इस नए संस्करण में व्यापक संशोधन किया गया है . बच्चों को अपने देश, संस्कृति तथा परंपरा पर गौरव की अनुभूति हो, इसलिए भारतीय संस्कृति के प्रमुख तत्वों को विभिन्न पाठों ( Sanskrit Ratnam ) के माध्यम से बताया गया है, आधुनिक विषयों पर नए पाठ भी रचे गए हैं जिनसे यह पुस्तक माला ( Sanskrit Ratnam ) परंपरा और आधुनिकता का सेतु है. प्रत्येक पाठ के प्रारंभ में ही पाठ प्रवेश / उद्देश्य में पाठ से सम्बंधित जानकारी दी गयी है .

नूतन संस्करण संस्कृत रत्नम ( Sanskrit Ratnam ) पुस्तक माला की प्रमुख विशेषताओं पर गौर करें तो इनमें मुख्य रूप से जिन विशेषताओं की झलक मिलती है उनमें सरल से कठिन के आधार पर पाठों का चयन, भाषा ज्ञान के चारों कौशलों – श्रवण, वचन, पठन एवं लेखन का क्रमिक विकास, पाठ प्रवेश में पाठों का सार हिंदी में दिया गया है, जिससे छात्र सरलता से समझ सकें . सभी पाठों में NCF फीचर्स दिए गए हैं, MCQ के प्रश्न भी दिए गए हैं.
इसी प्रकार स्वयं कृत्वा ज्ञास्याम (Do and Learn )में परियोजना (Project ) कार्य एवं गतिविधि तथा सतत विकास लक्ष्य (SDG ) का भरपूर समावेश है. इतना नहीं पुस्तक माला में भारतबोध ( Rootedness in india ) के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित अतिरिक्त जानकारी भी दी गई है . साथ ही चित्र कथा कॉमिक स्ट्रिप्स ( Comic Strips ) का भी समावेश किया गया है . विद्यार्थियों के अध्ययन की सुविधा के लिए प्रत्येक पाठ के अंत में कठिन शब्दों के अर्थ हिंदी और अंग्रेजी में दिए गए हैं साथ ही विद्यार्थी को मातृभाषा में अर्थ लिखने के लिए भी दिया गया है . व्याकरण ( Sanskrit Ratnam ) के अंश परिशिष्ट में अतिरिक्त रूप दिए गए हैं . बच्चों को संस्कृत व्याकरण का अधिक ज्ञान हो , इसके लिए पुस्तक में ही अभ्यास पुस्तिका दी गई है , प्रत्येक पुस्तक की शिक्षक दर्शिका ( Teachers Handbook ) भी उपलब्ध है.
पुस्तक के लेखक प्रोफ़ेसर विजय कुमार कर्ण (Prof Dr Vijay Kumar Karn ) ने बताया कि यह किताबें ( Sanskrit Ratnam ) पिछले 20 वर्षों से विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं और यह चौथा नवीनतम संस्करण ( Sanskrit Ratnam ) आया है, जो शैक्षिक सत्र 2027 से पढ़ाया जाएगा. यह पुस्तक कक्षा 5, 6 , 7 , 8 के संस्कृत विद्यार्थियों के लिए हैं और यह किताबें मुख्य रूप से सीबीएसई आईसीएसई बोर्ड द्वारा संचालित अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पढ़ाई जाती है . इस पुस्तक माला ( Sanskrit Ratnam ) में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सरकार के मातृभाषा संवर्धन कार्यक्रम के तहत इसमें एक कालम छात्रों के लिए उनकी मातृभाषा के लिए भी रखा गया है, कि वे संस्कृत भाषा ( Sanskrit Ratnam ) के कठिन शब्द हिंदी , अंग्रेजी में तो लिखेंगे ही बल्कि अपनी मातृभाषा में भी उसे कॉलम में उन शब्दों का अर्थ लिख सकते हैं .
इस संशोधित संस्करण ( Sanskrit Ratnam ) की एक नवीन विशेषता यह भी है इसमें जैव कृषि (जैविक कृषि ) का भी पाठ दिया गया है, जिससे विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ेगा. यह पाठ पहली बार जोड़ा गया है. इसी प्रकार लोकल फार वोकल में स्थानीय उत्पादों का भी एक टॉपिक है. इसके साथ ही दक्षिण राज्यों के महापुरुषों के सामाजिक सुधारों पर भी चर्चा का टॉपिक किया गया है . इनमें तेलुगु पुनर्जागरण आंदोलन के सूत्रधार कंदुकूरि वीरेशलिंग(Kandukuori Veereshalingam ) के व्यक्तित्व कृतित्व से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया है.
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