लखनऊ , 12 मई , प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में जनभवन लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रस्तुतिकरण के दौरान महाविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत संरचना, नामांकन वृद्धि, शोध एवं विभिन्न गतिविधियां, संचालित पाठ्यक्रमों, छात्र-छात्राओं की संख्या, विषयवार नामांकन, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों के सापेक्ष भर्ती, स्मार्ट क्लासेस, अकादमिक एवं गैर अकादमिक गतिविधियों, नैक एवं अन्य रैंकिंग में महाविद्यालयों की स्थिति तथा गुणवत्ता सुधार के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 1 जुलाई 2026 को शताब्दी वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष लोगो का विमोचन राज्यपाल जी द्वारा किया गया। साथ ही स्मारक सिक्का, विशेष डाक टिकट एवं “वाणी” पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
बैठक में राज्यपाल जी ने प्रस्तुतिकरण की गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि गतिविधि आधारित एवं कैप्शन सहित फोटोग्राफ सम्मिलित किए जाएं। पुस्तकालयों में दुर्लभ पुस्तकों की डिस्प्ले, स्वच्छ एवं हरित परिसर, सोलर पैनल तथा विभिन्न नवाचारों को भी प्रस्तुतीकरण में प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने समर्थ पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उच्च रैंकिंग प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयास किए जाने पर बल दिया।
राज्यपाल महोदया ने महाविद्यालयों में समूह ‘ग’ एवं ‘घ’ के रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त करते हुए मेरिट के आधार पर समयबद्ध भर्ती सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय आपसी समन्वय के साथ बैठकर समस्याओं एवं सुधार की संभावनाओं पर चर्चा करें तथा लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। “मां के नाम पर पेड़” अभियान को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने पौधरोपण के माध्यम से मातृ सम्मान का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल जी ने पॉक्सो एक्ट से प्रभावित बालिकाओं के लिए विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस, कंप्यूटर प्रशिक्षण, जूडो, सिलाई एवं अन्य कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाने की अपील की।

इस अवसर पर राज्यपाल जी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर देश भर में वर्ष भर आयोजित होने वाले स्मरण उत्सव कार्यक्रमों को सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने, वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने, खाद्य तेल के उपयोग में कमी लाने, एक वर्ष तक सोना न खरीदने, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल जी ने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को निरंतर संवाद एवं समीक्षा की प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता सुधार एवं नैक तथा एनआईआरएफ रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार मैराथन बैठकें एवं विस्तृत प्रस्तुतिकरण आयोजित किए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।
