

- प्रतिनिधि मंडल ने वन व पर्यावरण मंत्री से सामूहिक रूप से मांग किया कि नील गाय (वनरोज) को मारने हेतु किसान को अधिकृत किया जाए तथा बंदरों को पकड़कर वन्य क्षेत्र में पहुंचाया जाए.
बहराइच, 27 सितम्बर , वन एवं पर्यावरण मंत्री (ऊ०प्र० सरकार) डॉ ० अरुण कुमार के बहराइच आगमन पर आज विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि व पर्यावरणविदों ने उनसे मिलकर जनपद में किसानों की समस्याओं से व पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रभावी कार्यवाही के लिए हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन दिया और समस्या समाधान के लिए त्वरित कार्यवाही की मांग की। वन मंत्री ने समस्याओं के प्रभावी समाधान हेतु प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया है।
महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट के नेतृत्व में किसान परिषद , शिक्षक संघ , गायत्री परिवार , रूल ऑफ लॉ सोसायटी व पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे संगठन प्रतिनिधियों ने वन एवं पर्यावरण (मंत्री ऊ०प्र० सरकार) को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि समूचे जनपद समेत तराई इलाकों में नील गाय (वनरोज) , बंदर व शाही समेत अन्य हिंसक जानवरों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है , वन्य जीवों ने अब आबादी व खेती किसानी की ओर आतंक फैलाना शुरू किया है। किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं मानव जीवन पर भी खतरा बना हुआ है दहशत में आए किसानों ने अब खेती किसानी से विमुख होकर पलायन करना शुरू कर दिया है। फसल उत्पादकता पर संकट गहरा रहा है।
प्रतिनिधि मंडल ने वन व पर्यावरण मंत्री से सामूहिक रूप से मांग किया कि नील गाय (वनरोज) को मारने हेतु किसान को अधिकृत किया जाए तथा बंदरों को पकड़कर वन्य क्षेत्र में पहुंचाया जाए तथा किसान हित में वन्य जीवों को संरक्षित करने के लिए समूचे वन क्षेत्र का फैंसिंग कराई जाए ताकि किसान निर्भय होकर खेती करते हुए राष्ट्रहित में अपना योगदान दे सकें।
वन एवं पर्यावरण मंत्री को ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों में से रूल ऑफ लॉ सोसायटी जिलाध्यक्ष अनिल मिश्र , उपाध्याय डॉ० पंकज श्रीवास्तव , किसान परिषद संयोजक शिव पूजन सिंह , उपाध्याय अखिलेश श्रीवास्तव , पर्यावरण विद ओम प्रकाश सक्सैना , प्रधान संघ अध्यक्ष भगवान दीन मिश्र , उपाध्यक्ष राम छबीले यादव , शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेश मिश्र , संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी आदि लोग शामिल रहे।
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