
- रहिमन ओछे नरन ते, बैर भली न प्रीत ।
काटे चाटे स्वान के, दोउ भाँति विपरीत ।।
✍ संसार मे सकारात्मक और नकारात्मक शक्तियां/व्यक्ति हमेशा से मौजूद रहै हैं और आगे भी रहेंगे।
✍ निर्णय हमे करना है कि हम कैसे लोगो का साथ पसंद करते हैं ।
✍ हम जैसे लोगों की संगत करेंगे, वैसे ही हम स्वयं को और अपने परिवार को बना लेंगे ।
✍ गुरु कहते हैं कि नकारात्मक लोगों से बैर भी उचित नहीं है । नहीं तो वे अपनी सारी ऊर्जा आपको गिराने में ही लगा देंगे ।
आज तिथि ५१२५/ ११-०१-१३/ ०५ युगाब्द ५१२५/ माघ शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, गुरुवार “प्रदोष व्रत” की पावन मंगल बेला में, सकारात्मक बने रहने के संकल्प के साथ, नित्य की भाँति, आपको मेरा “राम-राम” ।
व्यस्त रहेंगे -तो मस्त रहेंगे
मस्त रहेंगे -तो स्वस्थ रहेंगे
